मुस्लिमों का समर्थन हांसिल करने लखनऊ पहुंचे केजरीवाल

असल में आरएसएस और भाजपा से टीम अन्ना के संबंधो को लेकर लग रहे आरोपों को गलत साबित करने के लिए लखनऊ में आज टीम अन्ना के सदस्य अरविन्द केजरीवाल ने पहल करते हुए मुस्लिम धर्म गुरुओ से मुलाक़ात की। जिसमे शिया धर्म गुरु कल्बे सादिक और सुन्नी धर्मगुरुओं में मौलाना इरफ़ान और शाइस्ता अम्बर शामिल रहें।
टीम अन्ना पर आरएसएस से सम्बन्ध होने के लगातार लग रहे आरोपों पर आज विराम लगाने कि एक कोशिश की गयी है। हालाकि इस बात से अरविन्द साफतौर पर इंकार कर रहे है। पर जिस तरह से आज मुस्लिम धर्मगुरुओं से मुलाकात और बात की गयी उससे इस बात को बल जरुर मिलता दिखाई दे रहा है।
मौलाना कल्बे सादिक से मिलने के बाद केजरीवाल ने सुन्नी धर्मगुरुओं से अलग से मुलाक़ात की माना जा रहा है की मुलाकात में केजरीवाल ने आरएसएस से संबंधो पर धर्मगुरुओं को अपनी सफाई पेश की है बहरहाल सुन्नी धर्मगुरुओं ने भी अन्ना के आन्दोलन के समर्थन की बात कही है। साथ ही धर्मगुरु शाइस्ता अम्बर ने एलान भी किया है की जनलोकपाल के समर्थन में दिसंबर के पहले हफ्ते में मुस्लिमो की एक बड़ी रैली भी लखनऊ में आयोजित की जाएगी।
सुबह लखनऊ पहुंचे अरविन्द केजरीवाल ने शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे सादिक से उनके घर पर जाकर मुलाक़ात की और उन्हें जनलोकपाल के मुद्दे पर समर्थन देने के लिए राजी किया। इस मौके पर मौलाना कल्बे सादिक ने भी जनता से अपील की है की वह आने वाले चुनावो में प्रत्याशी को देख कर ही वोट करे।
इस दौरान केजरीवाल ने भी एक प्रश्न के जवाब में साफ़ किया की टीम अन्ना अपनी इमेज नहीं बदल रही है बल्कि समाज के तबके के लोगों को वह जन लोकपाल के मुद्दे से जोड़ने की कोशिश कर रही है। साथ ही आज इलाहाबाद में राहुल गाँधी को दिखाए गए काले झंडे पर सफाई देते हुए उन्होंने उन लोगो को आम जनता होने कि बात कही।
साथ ही अरविन्द केजरीवाल ने यह भी कहा की बिहार के मुख्यमंत्री ने जनलोकपाल लाकर अच्छा काम किया है लेकिन कुछ कमियां है। साथ ही केजरीवाल ने कहा की नितीश कुमार से वह जनलोकपाल के मुद्दे पर मुलाक़ात करने के लिए सोचेंगे। वहीँ मीटिंग में पहुंचे भारतीय नागरिक परिषद् के सदस्यों से अरविन्द के न मिलने पर परिषद् के सदस्य भड़क उठे और उन्होंने टीम अन्ना पर आरोप लगाया की वह देश को सांप्रदायिक हिस्सों में बांटकर अपना उल्लू सीधा कर रहे हैं।
टीम अन्ना पर आरएसएस से सम्बन्ध होने के लगातार लग रहे आरोपों पर आज विराम लगाने कि एक कोशिश की गयी है। हालाकि इस बात से अरविन्द साफतौर पर इंकार कर रहे है। पर जिस तरह से आज मुस्लिम धर्मगुरुओं से मुलाकात और बात की गयी उससे इस बात को बल जरुर मिलता दिखाई दे रहा है।












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