राइट टू रिकॉल पर नीतीश ने मिलाया टीम अन्ना के सुर में सुर

आपको बता दें कि अन्ना हजारे के राइट टू रिकाल की मांग पर मुख्य चुनाव आयुक्त वाईएस कुरैशी ने कहा था कि राइट टू रिकाल और राइट टू रिजेक्ट से देश में अस्थिरता आएगी। हालांकि बहुत से बुद्धिजीवी इस बात से सहमत नहीं है। अन्ना टीम के सदस्य और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश संतोष हेगड़े ने भी कुरैशी से सहमत नहीं है उन्होंने जानना चाहा कि जन प्रतिनिधि को वापस बुलाने के लिए राइट टू रिकॉल और प्रत्याशियों को खारिज करने के लिए राइट टू रिजेक्ट जैसे प्रावधान भारत में क्यों नहीं लागू हो सकते? हेगड़े ने कहा कि यदि ये प्रावधान एक देश के अनुकूल हैं तो हम इसमें बदलाव करके अपने देश के अनुकूल करने के उपाय कर सकते हैं।












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