रथ पर मनेगी आडवाणी की दीवाली

खास बात यह है कि इस बार आडवाणी की डबल खुशियों पर एक और तड़का होगा, वो होगा पीएम की कुर्सी का सपना। उमा भारती द्वारा मंच से यह कहे जाने के बाद कि भाजपा के पीएम प्रत्याशी लाल कृष्ण आडवाणी ही होंगे, आडवाणी के लिए एक अजब सी खुशी लेकर आया है। आखिर हो भी क्यों ना, वर्षों की मेहनत जो रंग लाती दिख रही है। एक तरफ लोगों में मनमोहन सिंह के खिलाफ गुस्सा तो दूसरी ओर भाजपा के प्रति बढ़ता प्यार। दोनों ही उन्हें पीएम की कुर्सी की ओर धकेल रहा है।
हालांकि नरेंद्र मोदी का नाम भी इसमें आ रहा है, लेकिन भाजपा यह अच्छी तरह जानती है कि मोदी को पीएम कुर्सी पर बिठानी की जल्दबाजी ठीक नहीं रहेगी। लिहाजा आडवाणी का रास्ता लगभग साफ दिख रहा है। हां यशवंत सिन्हा भले ही कुछ अड़ंगा लगाने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन उनका सफल होना संदिगध लग रहा है।
हम आडवाणी जी को इस दीवाली ज्यादा लड्डू नहीं खाने की सलाह देंगे। ज्यादा मीठा खाने से शुगर लेवल बढ़ सकता है। यह सलाह इसलिए क्योंकि दीवाली के पहले और बाद तक चलने वाले रथ पर वो निरंतर लड्डू खा रहे हैं। जिस राज्य में जाते हैं, वहां उनके सामने मिठाई रख दी जाती है।
हमारी सलाह है कि आडवाणी दीवाली पर फुलझड़ी तक सीमित रहें तो बेहतर होगा, क्योंकि पीएम की कुर्सी अभी दो साल दूर है, लिहाजा आतिशबाजी और बम व चटाई वगैरह तभी जलायें तो अच्छा होगा।
इस दीवाली आडवाणी के लिए एक सलाह यह भी है कि वो अपने घर पर उत्तर प्रदेश से आने वाले भाजपा नेताओं का खास खयाल रखें। क्योंकि हो सकता है अगली दीवाली उन्हीं में से किसी के साथ मनाई जाये। खैर इस पर अभी बात करना फिजूल है, क्योंकि भाजपा को अभी सिर्फ दिल्ली दिख रहा है, लखनऊ में किसे ताज पहनाना है, किसे नहीं, इस पर कोई मंथन नहीं चल रहा है।
इसलिए हमारी अंतिम सलाह यही रहेगी कि पार्टी में सबसे बुजुर्ग होने के नाते दीवाली की धूम-धड़ाका सम्पन्न होने के बाद जरा यूपी के बारे में सोचें और सीएम प्रत्याशी तय कर दें, ताकि बाद में यूपी के दिग्गजों में किसी बात को लेकर झगड़ा न हो। शुभ दीपावली।












Click it and Unblock the Notifications