केन्द्र व यूपी दोनों सरकारें गरीब विरोधी : भाजपा

भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि जहां केन्द्रीय योजना आयोग ने शहरी क्षेत्रों में 32 रूपये व ग्रामीण क्षेत्रों में 26 रूपये प्रतिदिन से ऊपर वालों को गरीबी की रेखा के ऊपर बताया है वहीं राज्य की बसपा सरकार ने बीपीएल सूची वाले गरीबों का खाद्यान्न हड़प रही है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता और विधान परिषद सदस्य ह्दय नारायण दीक्षित ने कहा कि बीपीएल सूची वालों को कोई लाभ ही नहीं मिल रहा है। पिछड़ों की पुत्रियों का विवाह अनुदान ठप है, अनुसूचित जातियों, पिछड़ी जातियों की छात्रवृत्तियां भी बंद हैं।
दीक्षित ने कहा कि केन्द्र व राज्य दोनों ही सरकारें गरीबों को कुचल रही हैं। गरीबी की रेखा के कथित मूल्यांकन का भारी विरोध हुआ तो केन्द्र सरकार नये सर्वेक्षण की बात कह रही है। उन्होंने कहा कि बसपा इस पर कागजी असंतोष दिखा रही है लेकिन खुद इसी राज्य सरकार ने गरीबों की सारी योजनाओं का धन लूट लिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में समाज कल्याण का धन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है।
वृद्धावस्था विकलांग पेंशन भी बंद है। उन्होंने इन सरकारों की आलोचना करते हुए कहा कि गरीब आत्महत्या को विवश हैं लेकिन यह इससे पल्ला झाड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्र सच्चर के बहाने गरीबी को मजहब आधारित बता रहा है। सामान्य जीवन यापन भी मंहगा हुआ है और गरीबों की सीमा से बाहर है। प्रधानमंत्री को मायावती द्वारा पत्र लिखने को उन्होंनें बकवास बताते हुए कहा कि सरकारें पत्र नहीं लिखाती काम करके ही दिखाती है। यह सरकारें अपनी जि मेदारी से बचने के लिए एक-दूसरे पर दोषारोपण कर रही हैं।












Click it and Unblock the Notifications