बुधवार को फिर सड़कों पर फिर उतरेगी अमेरिकी जनता
आर्थिक
मंदी से जूझ रहे दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका में भी बेरोजगारी ने अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। वहां की जनता ने इसके खिलाफ बगावत करना शुरू कर दिया है। इस बगावत में अमेरिका में छाई भेदभाव की नीतियां भी शामिल हैं। लोग यहां पिछले 2 हफ्ते से 'आक्यूपाय वॉल स्ट्रीट' के बैनर तले सड़कों पर उतर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। अभी तक इस विरोध प्रदर्शन में 700 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जिनमें से लगभग 500 लोगों को उनकी पहचान करके छोड़ दिया जा चुका है। जबकि 200 लोग अभी भी जेल में कैद हैं। id="toptextpromo">उद्योगपति
घरानों के लाभ की आलोचना करने वाले अमेरिकी कार्यकर्ताओं ने बुधवार को एक बार फिर वॉल स्ट्रीट पर विरोध-प्रदर्शन करने की प्रतिबद्धता जताई है। वॉल स्ट्रीट पर बुधवार को फिर होगा प्रदर्शन इसके पहले सप्ताहांत में अपने विरोध-प्रदर्शन से ब्रुकलिन पुल पर यातायात बाधित रहा था। न्यूयार्क के इस वित्तीय जिले में लोगों के विरोध-प्रदर्शन का सिलसिला तीसरे सप्ताह में पहुंच गया है। ये प्रदर्शनकारी सरकार समर्थक बैंकिंग बेलआउट और अमेरिकी राजनीति में उद्योगपतियों के प्रभाव की खिलाफत कर रहे हैं। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>एक
गिरफ्तार प्रदर्शनकारी ने कहा हममें से एक को गिरफ्तार करो दो और पैदा हो जाएंगे। हम लोग असंख्य हैं। 'आक्यूपाय वॉल स्ट्रीट'आंदोलन में सैकड़ों प्रदर्शनकारी भाग ले रहे हैं जिनमें से ज्यादातर युवा हैं। ये प्रदर्शनकारी बड़े उद्योगपति घरानों के खिलाफ नारेबाजी भी कर रहे हैं। हालांकि कई प्रदर्शनकारी इस बात को भी स्वीकार कर रहे हैं कि इस आंदोलन के बाद भी आर्थिक तंत्र में वैसा बदलाव नहीं आएगा जिसकी वह मांग कर रहे हैं लेकिन प्रदर्शनकारियों के मुताबिक उन्हें कोशिश करनी चाहिए। प्रदर्शन का यह सिलसिला देश के दूसरे हिस्सों जैसे वाशिंगटन, बोस्टन, शिकागो, सैन फ्रांसिस्को, लॉस एंजिलिस और न्यू मैक्सिको तक में पहुंच गया है।











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