मायावती को सत्ता से दूर करने आए छोटे दल

पहले कांग्रेस, भाजपा फिर सपा तीनों ने राज्यपाल से अपील की कि मायावती सरकार को बर्खास्त किया जाना ही बेहतर विकल्प हैं। पाटिर्यों ने मायावती पर भ्रष्टाचार व घोटालों के सैकड़ों आरोप लगाए बावजूद इसके राज्य की सत्ता पर मायावती ही काबिज है। मायावती के रूतबे को कम न होता देख अब छोटी पार्टियां मैदान में कूद पड़ी हैं। पीस पार्टी, इण्डियन जस्टिस पार्टी, भारत समाज पार्टी, मोमिन कॉफ्रेंस, गोडवाना गणतंत्रपार्टी, जयभारत समानता पार्टी ने मिलकर वाराणसी में रैली कर अपनी ताकत का आंकलन किया। पार्टियों के नेताओं ने भाई भतीजावाद एवं क्षेत्रवाद की राजनीति के चलते प्रदेश की यह हालत हुई हैं।
वरिष्ठ नेता उचित राज का कहना है कि भाई भतीजावाद की राजनीति समाप्त करनी होंगी। उन्होंने जनता से अपील की कि आगामी चुनाव में वे निर्णय लें कि क्या वर्तमान सरकार उनके अधिकारियों की पुर्ति कर रही है या फिर नहीं। यदि ऐसा न हो तो ऐसी सरकार को उखाड़ फेंकी।
भारत समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि प्रदेश में चारों ओर भ्रष्टाचार, अराजकता और असमानता का बोलबाला है और इसके खिलाफ एकजुट होकर ही लड़ा जा सकता है। उन्होंने कहा कि अब जनता का विश्वास बड़े राजनीतिक दलों से उठ रहा है अत: उसके विकल्प के तौर पर छोटे दल जनता के सामने हैं। उन्होंने कहा कि जनता को इस ओर ध्यान देना होगा तभी प्रदेश विकास कर सकेगा।












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