आमने-सामने दौड़ीं राजधानी और काशी विश्वनाथ

सूत्रों ने बताया कि क्लोजर की मदद से ट्रेन को बदले ट्रैक पर लाकर अभीरवाना ही किया गया था कि सामने से काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस भी उसी ट्रैक पर आ गई। दोनों ट्रेनों को एक ही ट्रैक पर दौड़ता देख कर्मचारियों के हाथ पांव फूल गए। एक कर्मचारी ने सूझ बूझ का परिचय देते हुए ट्रैक के बीचों बीच लाल झंडी गाड़कर चालकों को ट्रेन रोकने का इशारा किया। मात्र ढाई सौ मीटर दूरी पर चालकों को ट्रेन रोकने में कामयाबी मिली।
उसके बाद काशी विश्वनाथ को पीछे किया गया और राजधानी एक्सप्रेस को निकाला गया। तब तक एक बज चुका था। अपर मंडल रेल प्रबंधक सुधीर गर्ग के अनुसार डिवीजन के वरिष्ठ अधिकारियों की कमेटी गठित कर दी गई है। कमेटी से शीघ्र ही इस बारे मेंरिपोर्ट तैयार कर देने को कहा गया है।












Click it and Unblock the Notifications