किसान नेता तेवतिया पर दर्ज हैं 19 मुकदमें

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के भट्टा और पारसौल गांव में पिछले शुक्रवार को पुलिस और किसानों के बीच हिंसक संघर्ष हुआ। इस संघर्ष में कई किसान घायल हुए कुछ की मौत हुई वहीं पुलिस के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ कुछ पुलिस कर्मी घायल हुए तो दो की मौत की बात भी कही गयी। पूरे प्रकरण का जिम्मा किसान आन्दोलन का नेतृत्व करने वाले किसान नेता मानवीर सिंह तेवतिया के सिर रखा गया। सूत्रों की माने तो राज्य सरकार को यह लगने लगा कि तेवतिया ने ही किसानों को सरकार के खिलाफ भड़काया।
हालात यह बताते हैं कि पुलिस अब तेवतिया को खोजकर एनकाउन्टर करने की फिराक है। यही कारण है कि एसटीएफ को भी इस कार्य पर लगा दिया गया है। फिलहाल तेवतिया अपनी जान बचाकर भागता फिर रहा है। पुलिस की माने तो तेवतिया अपराधी है क्योंकि उस पर पहले से ही 19 मुकदमें दर्ज हैं। राज्य के विशेष पुलिस महानिदेशक बृजलाल ने नोएडा के भट्टा और पारसौल गांव का दौरा किया और लौटने पर कहा कि दोनों गांव में स्थिति सामान्य है।
बृजलाल ने कहा कि मानवीर ङ्क्षसह किसान नेता नहीं है उसी ने किसानों को हिंसा के लिए जिसके चलते कई लोगों की जाने गयीं। उन्होंने कहा कि मानवीर सिंह पर पिछले वर्षों के दौरान अलग-अलग मामलों में 19 मुकदमें दर्ज किए गए हैं। उन्होंनें कहा कि पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रूपये का ईनाम घोषित किया है। बुलदशहर निवासी तेवतिया के पुश्तैनी मकान से लेकर अलीगढ, आगरा, हरियाणा के फरीदाबाद और दिल्ली तक उसकी खोज की जा रही है।
उन्होंने कहा कि तेवतिया के अतिरिक्त भट्टा और पारसौल गांव के चार अन्य लोगों गिरफ्तारी पर भी ईनाम घोषित किया गया है। उन्होंनें कहा कि गांव में बडी संख्या में अवैध हथियार बरामद हुये हैं जो तेवतिया ने गांव वालों को दिए थे। पुलिस के अनुसार गांव के लोगों ने स्वीकार किया कि वे एक युवक बहकावे में आ गये थे। श्रीबृजलाल ने बताया कि किसानों ने पुलिस द्वारा खेतों में आग लगाए जाने की बात से भी इनकार किया।












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