कांग्रेस का एक और स्टंट- चाहिये यूपी का बंटवारा
डा. जोशी नें पत्रकारों से बातचीत में कहा कि छोटे राज्य का विकास कम समय में तथा तेजी से किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि छोटे राज्यों के गठन में सावधानी बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आम लोगों की राय लिये बगैर जल्दबाजी में इस विषय पर लिया गया निर्णय नुकसानदेह हो सकता है।
उन्होंने इस मामले में केन्द्र की भूमिका को अहम बताते हुए कहा कि केन्द्र सरकार को राज्य पुनर्गठन आयोग का गठन करना चाहिए। आगामी 18 व 19 मई को होने वाले कांग्रेस के प्रांतीय अधिवेशन के बारे में उन्होंने बताया कि अधिवेशन में पेश किये जाने वाले प्रस्तावों पर 17 मई को कार्यकारिणी की बैठक में चर्चा होगी। भ्रष्टाचार के बारे में उनका मानना है कि यदि छोटे दलों की देन है।
डा. जोशी ने कहा कि जब से छोटे और क्षेत्रीय दलों के हाथ में सत्ता आयी तब से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के लिए समाजिक मानसिकता को बदलना होगा। भूमि अधिग्रहण के लिए मायावती की नीतियों की भी उन्होंने जमकर आलोचना की।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मायावती ने किसानों की भूमि के अधिग्रहण को अपना व्यवसाय बना लिया है और बिचौलियों के माध्यम से वह पैसा कमा रही हैं। भूमि अधिग्रहण को लेकर विरोध की आग पूरे राज्य में धधक रही है। उन्होंने कहा कि मायावती सरकार के दौरान किसानों पर अत्याचार बढ़ा है। सरकार किसानों का दुख दर्द सुनने के बजाय उन पर लाठी गोलियां चलवा रही है। इसका खामियाजा उन्हें विधानसभा के आगामी चुनाव में भुगतना पड़ेगा।













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