अन्ना हजारे ने कहा विधेयक बनाओ या बचाओ सरकार

अपील की लेकिन वह अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। उन्होंने सोनिया गांधी को धन्यवाद देते हुए कहाकि या तो सरकार उनकी मांगे माने नहीं तो अपनी सरकार बचाने की तैयारी कर ले। इस बीच उन्हें देश विदेश से व्यापक समर्थन मिल रहा है। जैसे-जैसे उनके आंदोलन के दिन बढ़ रहे हैं, वैसे-वैसे उनके साथ लोग जुड़ते जा रहे हैं। जो जहां है वहीं से अन्ना का अपने-अपने तरीके से समर्थन कर रहा है।
अन्ना हजारे के इस अनशन को मिल रहे समर्थन से हलकान हुई सरकार की तरफ से केंद्रीय दूरसंचार और मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल को बातचीत का जिम्मा सौंपा गया तो अन्ना हजारे की तरफ से समाजसेवी स्वामी अग्निवेश और सूचना अधिकार कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल आगे आए। इनके बीच दो दौर की बातचीत हुई और इस बातचीत में कुछ मुद्दों पर सहमति तो बनी लेकिन दो प्रमुख मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी।
सरकार बिना अधिसूचना जारी किए एक संयुक्त समिति बनाने पर सहमत हो गई है लेकिन अन्ना हजारे के प्रतिनिधियों की मांग थी कि इसके लिए सरकार बाकायदा अधिसूचना जारी करे। इसके अलावा संयुक्त समिति का अध्यक्ष अन्ना हजारे को बनाया जाए। हालांकि अन्ना हजारे ने समिति का अध्यक्ष बनने से इंकार किया है।












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