जाट क्यों मांग रहे हैं नौकरी में आरक्षण?

अखिल भारतीय जाट महासभा, हरियाणा प्रदेश के अध्यक्ष ओपी मान ने वनइंडिया हिन्दी को विशेष बातचीत में आंदोलन के पीछे के कारण बताये। सबसे पहला कारण नौकरी नहीं मिल पाने के कारण बढ़ता अपराध है। मान यह खुद मानते हैं कि जाट समुदाय के युवा नौकरी नहीं मिलने की वजह से अपराध की ओर बढ़ रहे हैं और उन्हें रोकना अत्यंत आवश्यक है।
दूसरा सबसे बड़ा कारण है खेती में आय कम होना। उनका कहना है कि 10 एकड़ जमीन पर खेती करने वाले किसान की कमाई एक सरकारी दफ्तर के चपरासी के वेतन के बराबर भी नहीं होती, जरा चोहिए हजारों ऐसे किसान हैं जिनके पास 3 एकड़ भी जमीन नहीं है। मान का कहना है कि इस समय सिर्फ राजस्थान में जाट समुदाय को राज्य व केंद्र की नौकरियों में आरक्षण है, जबकि अन्य में नहीं। लिहाजा वे उत्तर प्रदेश और हरियाणा में ओबीसी कोटे में शामिल होना चाहते हैं, ताकि उन्हें भी वरीयता मिल सके।
श्री मान का कहना है कि अगर सरकार आरक्षण देती है, तो जाट समुदाय के परिवारों की माली हालत अच्छी होगी। तब वे अच्छी तरह खेती कर सकेंगे और कई अन्य क्षेत्रों में भी अपना योगदान दे सकेंगे, फिर चाहे वो सेना के जवान के रूप में हो या खिलाड़ी के और या फिर किसान के रूप में। इस आरक्षण के पीछे सबसे बड़ा कारण गरीबी है, क्योंकि इस समुदाय के अधिकांश परिवार पैसे की किल्लत से जूझ रहे हैं।
क्लिक करें और यह लेख अपने मित्र को ई-मेल करें












Click it and Unblock the Notifications