रेल बजट 2011: ट्रेन में सुरक्षित यात्रा चाहते हैं लोग

Mamata Banerjee
नई दिल्‍ली। रेल मंत्री ममता बनर्जी ने बजट से पहले कहा है कि वो बजट में आम लोगों का खास खयाल रखेंगी, लेकिन आम आदमी की बात सुने तो वो किराए में वृद्धि से ज्‍यादा चिंतित है ट्रेन में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर। जी हां आम लोगों का कहना है कि वो ट्रेन में अपनी बेटियों-बहनों की सुरक्षा चाहते हैं।

पिछले दो साल में ट्रेन के अंदर बढ़ी हिंसा की वारदातों को देखते हुए लोगों ने ममता बैनर्जी से चलती ट्रेन में सुरक्षा बढ़ाने की बात कही है। दिल्‍ली के रोहिणी निवासी राम नरेश यादव का कहना है कि वो चाहते हैं कि आम आदमी को ध्‍यान में रखते हुए किराए में कमी होनी चाहिए। साथ ही ट्रेन के हर‍ डिब्‍बे मेंमें सुरक्षा गार्ड होने चाहिए।

लखनऊ से दिल्‍ली पहुंचे बिजनेस मैन विशाल मिश्रा का कहना है कि ट्रेनों में सुरक्षा के साथ-साथ साफ-सफाई की जरूरत है। यही नहीं पैंट्री कार के भोजन की क्‍वालिटी लगातार गिरती जा रही है। इसके लिए आईआरसीटीसी के कान उमेठने की जरूरत है। या फिर अगर रेलवे यह जिम्‍मेदारी अपने ऊपर ले ले तो भी अच्‍छा होगा।

पश्चिम दिल्‍ली के साकेत श्रीवास्‍तव का कहना है कि चलती ट्रेन में साफ-सफाई प्राइवेट कंपनियों को दे देनी चाहिए। इसके अलावा लंबी दूरी की जिन ट्रेनों में पैंट्री कार नहीं है, होनी चाहिए। क्‍योंकि रास्‍ते में बाहर के लोग भोजन चढ़ाते हैं, जोकि खाने के लायक नहीं होता।

क्‍या कहता है उद्योग जगत

उद्योग जगत ने रेल परियोजनाओं के तेज कार्यान्वयन, आवश्यक वस्तुओं के किराए में कमी करने और सुरक्षा बढ़ाने की आशा जताई। रुईया समूह के अध्यक्ष पवन के. रुईया ने आईएएनएस से कहा कि रेलवे से मुख्य अपेक्षा यह है कि पिछले साल किए गए वादे पर तेजी से अमल किया जाए। जैसे समर्पित मालढुलाई गलियारा का तेजी से निर्माण, रेलवे परियोजनाओं का सरकारी निजी भागीदारी से कार्यान्वयन, वैगन और रैक की खरीददारी पर जोड़ और उभरती अर्थव्यवस्था में रेलवे के योगदान की एक स्पष्ट नीति।

उन्होंने कहा कि देश को बड़ी संख्या में नए वैगन ईएमयू और एमईएमयू रैक की जरूरत है। इसकी कमी से राजस्व सहित आम आदमी का भी नुकसान होगा। रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गनाइजेशन (आरडीएसओ) के एक प्रौद्योगिकी डिजाइन केंद्र की जरूरत है। यह उस राज्य में लगाया जाना चाहिए, जहां रेलवे के सबसे अधिक आपूर्तिकर्ता हैं यानी, पश्चिम बंगाल में।

मर्चेट्स चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स के लौह एवं इस्पात समिति के अध्यक्ष संतोष बाजा ने कहा कि लोहा और इस्पात जैसी आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई का किराया कम किया जाना चहिए, क्योंकि महंगाई को कम रखने के लिए इन वस्तुओं की ढुलाई का किराया हमेशा कम होना चाहिए। उन्होंने कहा कि माल ढुलाई की दर हमेशा कम होनी चाहिए। प्याज की कीमत बढ़ने का कारण यह भी है कि नासिक से दिल्ली और कोलकाता के लिए ढुलाई का किराया बहुत अधिक है।

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