खुद में जगाइए नेतृत्व की क्षमता
नई दिल्ली, 15 फरवरी (आईएएनएस)। सरदार बल्लभ भाई पटेल जब छठी क्लास में पढ़ते थे, तब उनके क्लास टीचर छात्रों को गलती होने पर छड़ी से मारते थे। कुछ छात्रों के अभिभावकों ने उन्हें टोका, लेकिन शिक्षक महोदय पर कोई असर नहीं पड़ा।
उनका रवैया बरकरार रहा। एक दिन उन्होंने एक निर्दोष छात्र को बेवजह दंड दे दिया, फिर उसकी छड़ी से खूब पिटाई की और उसे क्लास से बाहर निकाल दिया।
सभी छात्र उस निर्दोष बच्चे की हालत देखकर सहम गए, लेकिन बल्लभ भाई ने सभी छात्रों को छुट्टी के बाद इकट्ठा किया और संकल्प लिया कि जब तक टीचर अपनी गलती नहीं मानेंगे तब तक कोई भी छात्र क्लास में नहीं जाएगा।
कुछ ही देर में वह बात स्कूल की संचालन समिति तक जा पहुंची। अगले दिन सभी शिक्षकों ने पूरी कोशिश की कि छात्र फिर से क्लास में आएं, लेकिन छात्र टस से मस नहीं हुए और कहा, "जब तक सभी शिक्षक यह प्रण नहीं लेंगे कि बेवजह किसी छात्र को नहीं पीटा जाएगा, तब तक हम क्लास में नहीं जाएंगे।"
कुछ शिक्षकों ने बल्लभ भाई के इस निर्णय को अनुशासनहीनता माना, मगर उन्होंने साफ कह दिया कि वह किसी गलत उद्देश्य से ऐसा नहीं कर रहे हैं। उनकी भावना पवित्र है, इसलिए इसमें कुछ भी अनुचित नहीं है।
अंत में प्रिंसिपल ने छात्रों का नेतृत्व करने वाले बल्लभ भाई को बुलाया और समझौता किया कि आगे से कभी भी किसी छात्र को बेवजह दंडित नहीं किया जाएगा। तब बल्लभ भाई ने हड़ताल समाप्त की, फिर सभी छात्र क्लास में पढ़ने के लिए गए।
बल्लभ भाई में नेतृत्व का यह गुण बाद में और मजबूत हो गया, फिर वह देश के महान नेता साबित हुए। इसलिए आप अपने अंदर गुण पैदा कजिए और इन गुरुमंत्रों पर ध्यान दीजिए :
* नेता किसी एक लम्हे या घटना से नहीं बनते, बल्कि इसके लिए लोग एकांत में अभ्यास करते हैं। क्योंकि वह अपने को दूसरों से बेहतर दिखने का सपना देखते हैं।
* एक समझदार नेता बड़ी कामयाबी के रास्तों को पहचानने की क्षमता रखता है और वह दूसरों को बेहतर तरीके से काम करने के गुण देता है।
* नेता बनने के लिए जरूरी है कि आपने जो सुना है, उस पर बीच-बीच में टिप्पणी करें, ताकि बोलने वाला जान पाए कि आप उसके द्वारा कही ब्गई बात को ध्याने से सुन रहे हैं।
* सफलता समस्याओं केा खत्म नहीं करती, बल्कि नई समस्याओं को जन्म देती है। लेकिन नेता समस्याओं से ही हल निकालते हैं।
* महत्वाकांक्षा विहीन मनुष्य समस्याओं से कतराता है और अपने तर्को से नई समस्याएं खड़ी कर देता है। लेकिन नेता दूसरों की क्षमतओं का आकलन करता है और उन्हें सफल होने की स्थिति में पहुंचा देता है।
* जिस तरह मकान बनाने के लिए नक्शा निर्माण का मार्गदर्शन करता है, ठीक वैसे ही नेता लोगों का मार्गदर्शन करता है।
* नेता बनने के लिए अच्छा मैनेजर होना जरूरी है, क्योंकि लीडर को अपने अधीन कर्मचारियों की क्षमता का ज्ञान तब हो पाता है, जब वह उन्हें व्यवस्थित करता है, फिर कर्मचारी उसका अनुकरण करते हैं।
* किसी भी बड़ी सफलता को हासिल करने के लिए आपको दूसरों के सहयोग की जरूरत होती है और उस सहयोग को हासिल करने के लिए जरूरी है कि आपमें नेता बनने की क्षमता हो।
* किसी भी कर्मचारी की सीमाओं को जानने के लिए उसकी प्रतिभा को उजागर करना जरूरी होता है, तभी आप अच्छे नेता कहलाएंगे।
* एक प्रबंधक की सफलता या विफलता इस बात पर निर्भर नहीं करती कि वह क्या करता है, बल्कि इस पर निर्भर करती है कि वह दूसरों से काम लेने में कितना समर्थ है।
(डायमंड बुक्स प्रा.लि., नई दिल्ली से प्रकाशित पुस्तक 'सीक्रेट्स ऑफ सक्सेस' से साभार)
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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