चीन के साथ सम्बंध नहीं : करमापा
धर्मशाला(हिमाचल प्रदेश), 29 जनवरी (आईएएनएस)। तिब्बती धर्म गुरु 17वें करमापा उग्येन त्रिनले दोरजी ने शनिवार को कहा कि उनकी गतिविधियों का चीन से कोई सम्बंध नहीं है और जो विदेशी मुद्रा जब्त की गई हैं, उन्हें दुनिया भर में फैले उनके शिष्यों ने भेजी हैं।
शनिवार शाम जारी एक बयान में करमापा के एक प्रवक्ता ने कहा, "पुलिस द्वारा वर्तमान में की जा रही जांच में जिस नकदी पर सवाल उठाए जा रहे हैं वह दान की है।"
उन्होंने कहा, "विश्व और स्थानीय स्तर के शिष्यों ने इस दान को धर्मार्थ उद्देश्यों के लिए भेजा है। विभिन्न देशों में फैले शिष्य करमापा की धर्मार्थ गतिविधियों में उनकी मदद करने की इच्छा जताई है।"
बयान में करमापा अथवा उनके कार्यालय की किसी भी गतिविधि का चीन के साथ सम्पर्क होने से इंकार किया गया है।
बयान में कहा गया, "इस समय हम कह सकते हैं कि तिब्बत में करमापा के काफी अनुयायी हैं जो अपना दान चीनी मुद्रा में भेजते हैं।" प्रवक्ता ने कहा कि धर्म गुरु ने जांच एजेंसियों के साथ सहयोग किया और किसी भी तरह की पूछताछ के लिए अपने को उपस्थित किया।
धर्मशाला के समीप एक 'अवैध' भूमि करोबार में करमापा कार्यालय के शामिल होने के आरोपों पर बयान में कहा गया, "चूंकि करमापा धर्मशाला में अस्थायी निवास पर रहते हैं। उनका कार्यालय प्रशासन उनके लिए स्थायी भवन के रूप में एक मठ का निर्माण करना चाहता है।"
बयान के मुताबिक, "निर्माण की इस योजना की मंजूरी के लिए इसे भारत सरकार के पास भेजा गया है। ग्यालयांग करमापा के कार्यालय ने भूमि खरीदने के लिए भारत सरकार की एजेंसियों को पूरी तरह से जानकारी दी है।"
तिब्बत के आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने बेंगलुरू में करमापा की गतिविधियों का चीन के साथ सम्बंध होने से इंकार किया। करमापा का बचाव करते हुए दलाई लामा ने कहा कि विदेशी और भारतीय मुद्रा को बैंक में रखा जाना चाहिए था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications