मिस्र में मुबारक के मंत्रिमंडल का इस्तीफा, प्रदर्शन जारी (राउंडअप)
ओबामा ने राष्ट्रपति से राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन को दबाने के लिए हिंसा का सहारा न लेने के लिए कहा।
मीडिया की रिपोर्ट में बताया गया कि राष्ट्रपति के निर्देशों का अनुपालन करते हुए मिस्र के मंत्रिमंडल ने शनिवार को हुई बैठक में आधिकारिक रूप से इस्तीफा दे दिया।
ज्ञात हो कि शुक्रवार को मध्य काहिरा के गलियों में राष्ट्रपति के इस्तीफा की मांग चरम सीमा पहुंच गई। हजारों की संख्या में सड़कों पर उमड़े प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति को सत्ता से बाहर जाने की मांग की।
शुक्रवार से तेज हुए प्रदर्शन का दौर शनिवार को भी जारी रहा। काहिरा के तहरीर स्क्वॉयर पर सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारी एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि चौराहे के पास कई टैंकों को तैनात किया गया है।
एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "सभी लोग मर सकते हैं, हम सभी के साथ बुरा हो, केवल हुस्नी मुबारक जीना चाहते हैं।"
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा है कि वातावरण तनावपूर्ण बना हुआ है, लेकिन सेना द्वारा सुरक्षा की कमान संभाल लेने के कारण सड़कों पर शांति बनी हुई है।
दंगा पुलिस को मुख्य माहिर स्क्वे यर से हटाकर सहायक मार्गो पर तैनात कर दिया गया है। एक दिन पहले हिंसक संघर्ष में दंगा पुलिस को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था।
प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि जब कुछ पुलिसकर्मी वहां पहुंचे तो प्रदर्शनकारियों ने उनका पीछा किया और उन्होंने सेना से कहा कि पुलिस को वहां से हटा दिया जाए, वर्ना और अधिक हिंसा होगी।
चूंकि संचार प्रणाली अभी भी बुरी तरह अवरुद्ध है, लिहाजा मृतकों के बारे में सही जानकारी पाना कठिन बना हुआ है। शुक्रवार की हिंसा के बाद शनिवार सुबह मौतों के बारे में कोई खबर नहीं है।
शहर की कई सड़कें कारों के मलबों के कारण अवरुद्ध रहीं और वातावरण में तीव्र दरुगध रही। पूरे शहर में मुबारक के पोस्टर्स फाड़ डाले गए हैं।
मध्य काहिरा में शनिवार को जहां मुख्य दुकानें बंद रहीं, वहीं शहर के अन्य हिस्सों में स्थित कई छोटी दुकानें खुली रहीं। इसके पहले प्रत्यक्षदर्शियों ने दुकानों में लूटपाट किए जाने की बात कही थी।
राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक ने शुक्रवार देर रात टेलीविजन चैनल पर अपने एक सम्बोधन में कहा, "मैंने मंत्रिमंडल के सदस्यों से इस्तीफा देने को कहा है।" उन्होंने कहा कि नए मंत्रिमंडल का गठन शनिवार को किया जाएगा।
सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों में शुक्रवार को 13 लोग मारे गए। शुक्रवार की हिंसा के बाद प्रदर्शन के दौरान मरने वालों की संख्या 27 तक पहुंच गई है। मरने वालों में सुरक्षाबलों के तीन अधिकारी भी शामिल हैं।
सेना ने कई शहरों में कर्फ्यू लगा दिया है। काहिरा, सूज और अलेक्जेंड्रिया में कर्फ्यू लगाया गया था, लेकिन बाद में अन्य शहरों में भी कर्फ्यू लगा दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने मुबारक की नेशनल डेमोक्रेटिक पार्टी के मुख्यालय में भी काफी उत्पात मचाया और उसे आग के हवाले कर दिया।
मुबारक के सम्बोधन के समय प्रदर्शनकारी शनिवार तड़के सड़कों पर उतर आए और प्रदर्शन शुरू कर दिए। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। मुबारक ने कहा कि वह निर्दोष लोगों के मारे जाने से काफी दुखी हैं।
मुबारक ने सीधे तौर पर कहा कि वह लोगों की भावनाएं समझ रहे हैं। उन्होंने लोगों से गरीबी, बेरोजगारी और लोकतांत्रिक व्यवस्था में सुधार करने का वादा किया।
सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान 1,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है और कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के हवाले से टेलीविजन चैनल अल-अरबिया ने खबर दी है कि शुक्रवार को हुई झड़प में 1,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
उल्लेखनीय है कि मुबारक मिस्र की सत्ता पर करीब 30 वर्षो से काबिज हैं।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने शुक्रवार को मिस्र के राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक से सख्त लहजे में कहा कि वह अपने वादों पर अमल करें तथा प्रदर्शनकारियों पर हिंसक कार्रवाई करने से बाज आएं।
ओबामा ने कहा, "हिंसा से मिस्र वासियों की शिकायतें दूर नहीं होंगी। विचारों के दमन से उन्हें समाप्त करने में कभी सफलता नहीं मिल पाती।"
ओबामा ने मिस्र सरकार के लिए अपनी सरकार के आग्रह को दोहराते हुए कहा कि वह इंटरनेट व मोबाइल फोन सेवाएं बहाल करे। उन्होंने कहा, "अस्थिरता के इस क्षण को वादे के क्षण में बदलना है।"
ओबामा ने कहा, "वहां हर हाल में सुधार होने चाहिए। राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक सुधार, ताकि मिस्र के लोगों की आकांक्षाएं पूरी हो सकें। इन सुधारों के अभाव में शिकायतें पनपी हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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