पांच लाख लोगों के लिए बने चण्डीगढ़ में 8 लाख वाहन
चण्डीगढ़, 29 जनवरी (आईएएनएस)। फ्रांस के वास्तुविद ली कोर्बुजियर ने 1950 के दशक में पांच लाख की अधिकतम आबादी को ध्यान में रखकर चण्डीगढ़ शहर की परिकल्पना तैयार की थी। छह दशक बाद इस शहर की आबादी 12 लाख हो चुकी है और यहां पंजीकृत वाहनों की संख्या आठ लाख तक पहुंच चुकी है। इनमें से एक लाख वाहन प्रतिदिन सड़क पर चलते हैं।
दशक भर पहले 2001 की जनगणना में शहर की आबादी 9,00,914 थी।
आबादी और वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ शहर प्रबंधन की योजना में आवश्यक सुधार नहीं किए जाने के कारण 114 वर्गमीटर में फैले इस शहर में सड़क जाम और दुर्घटना रोजाना की बात हो गई है।
रजिस्टरिंग एंड लाइसेंसिंग प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि शहर में रोजाना 125 वाहन की वृद्धि हो रही है। इनमें से 40 फीसदी कारें या अन्य चौपहिया वाहन होते हैं।
अधिकारी ने आईएएनएस से कहा कि पंजीकरण के लिए कई केंद्र होने के बावजूद काम का दबाव कम नहीं हो रहा है।
साल 2010 में शहर में कुल 45,481 वाहन पंजीकृत हुए, जो शहर के इतिहास में एक साल में सर्वाधिक पंजीकरण का रिकार्ड है।
अधिकारी ने कहा कि एक कड़ी में कुल 9,999 वाहनों का पंजीकरण होता है और एक कड़ी तीन से चार महीनों में समाप्त हो जाती है।
अधिकारी ने कहा कि शहर में अभी कुल 7,86,000 वाहन पंजीकृत हैं। इसके अलावा पड़ोसी शहर पंचकुला और मोहाली से रोजाना लगभग 1,00,000 वाहन शहर में प्रवेश करते हैं। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश से भी वाहनों का काफिला इस शहर में आता है।
पंजाब विश्वविद्यालय के अवकाश प्राप्त अधिकारी संजीव तिवारी ने कहा कि वाहनों की लगातार बढ़ती संख्या से शहर में, पार्किं ग क्षेत्रों में और रिहायशी इलाकों में कई परेशानियां खड़ी हो रही हैं।
इसके अलावा चण्डीगढ़ के लोग सिर्फ कारों के ही दीवाने नहीं हैं। वे पंजीकरण संख्या के भी उतने ही दीवाने हैं।
हाल ही में अलग-अलग पंजीकरण कड़ियों में '0001' संख्या की नीलामी तीन से 10 लाख रुपये तक में हुई थी।
एक व्यवसाई हरमन सिंह ने कहा कि लोग यहां उतनी कीमत में पंजीकरण संख्या खरीद लेते हैं, जितने में एक छोटी या मध्य श्रेणी की कार खरीदी जा सकती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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