कचरा उठाने वालों से बात कर बनेगी नीति : रमेश
रमेश ने यहां सेल्फ-एम्प्लायड वूमंस एसोसिएशन (सेवा) और एलायंस ऑफ इंडियन वेस्ट-पिकर्स (एआईडब्ल्यू) द्वारा आयोजित कचरा उठाने वालों के पहले राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया और कहा कि उनका मंत्रालय चार नीतियों को बनाते समय एआईडब्ल्यू और सेवा के प्रतिनिधियों को भी शामिल करेगा।
ये चार नीतियां हैं : नगरपालिका ठोस कचरा प्रबंधन नीति, ई-कचरा प्रबंधन नीति, प्लास्टिक कचरा प्रबंधन नीति और पर्यावरण नीति।
रमेश ने सेवा के साथ पर्यावरण अनुकूल जीविका केंद्र बनाने के विचार पर भी सहमति दी ताकि कचरा उठाने वालों के बच्चों के सामने बेहतर अवसर उपलब्ध हों।
रमेश ने कहा कि इस प्रक्रिया में तीन-चार साल लगेंगे, तब तक सरकार कचरा उठाने वालों की आजीविका की रक्षा करेगी।
कार्यक्रम में मौजूद एक कचरा उठाने वाली शांता परमार ने कहा कि नगर निगम ने शहर में कचरा उठाने के काम का निजीकरण कर दिया है, जिससे हजारों कचरा उठाने वालों का रोजगार प्रभावित हुआ है और इससे उनके बच्चों की शिक्षा भी प्रभावित हुई है।
कचरा उठाने वालों ने कहा कि वे निजीकरण और मशीनीकरण के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन इस प्रक्रिया में उन्हें भी शामिल किया जाना चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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