आदर्श घोटाला : प्राथमिकी में पूर्व रक्षा अधिकारियों, नौकरशाहों के नाम (लीड-1)
मुम्बई, 29 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने विवादास्पद आदर्श सोसायटी घोटाले में शनिवार को औपचारिक रूप से प्राथमिकी दर्ज की। सीबीआई 10 हफ्तों से इस मामले की जांच कर रही थी। यह जानकारी एक अधिकारी ने यहां दी।
यद्यपि प्राथमिकी के विवरण फिलहाल उपलब्ध नहीं हो पाए हैं, लेकिन ऐसा पता चला है कि प्राथमिकी में सेवानिवृत्त रक्षा अधिकारियों और सोसायटी के सदस्यों के अलावा सोसायटी के कई पदाधिकारियों के नाम शामिल हैं।
सीबीआई ने यह प्राथमिकी तब दर्ज कराई है, जब बम्बई उच्च न्यायालय ने सीबीआई से पूछा था कि उसने मामले में प्राथमिकी दर्ज किए बगैर अब तक क्या कार्रवाई की।
उच्च न्यायालय ने 18 जनवरी की सुनवाई के दौरान सीबीआई को दो सप्ताह के भीतर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया था।
ज्ञात हो कि आदर्श घोटाले के सामने आने के लगभग एक महीने बाद सीबीआई ने 15 नवम्बर को मामले की प्राथमिक जांच शुरू की थी। इस घोटाले के कारण तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण को इस्तीफा देना पड़ा था।
चव्हाण के इस्तीफे के बाद राज्य मानवाधिकार आयोग के सदस्य सुभाष लल्ला ने भी घोटाले में अपना नाम आने के कारण इस्तीफा दे दिया था।
इस मामले में राज्य के सूचना आयुक्त रामानंद तिवारी को राज्य सरकार ने 20 जनवरी को निलम्बित कर दिया था।
इसके अलावा राज्य सरकार कई अन्य नौकरशाहों की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिनके नाम इस घोटाले में सामने आए हैं।
रक्षा विभाग ने भी इस घोटाले से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से जुड़े अपने अधिकारियों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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