भाजपा को तिरंगा फहराने की इजाजत नहीं मिलेगी : कश्मीर
जम्मू। जम्मू के लाल चौक पर 26 जनवरी को तिरंगा फहराने की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की योजना के मद्देनजर जम्मू एवं कश्मीर सरकार ने गुरुवार को कहा कि वह राज्य में अमन-चैन के माहौल को बिगाड़ने वाला कोई कार्यक्रम आयोजित करने की इजाजत नहीं देगी।
यह घोषणा जम्मू में मुख्यमंत्री अब्दुल्ला की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद की गई। इससे एक दिन पहले अब्दुल्ला ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम से नई दिल्ली में मुलाकात की थी।
भाजपा की 'राष्ट्रीय एकता यात्रा' या 26 जनवरी को श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने के उसके कार्यक्रम का जिक्र किए बगैर एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, "राज्य सरकार ने प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि गणतंत्र दिवस समारोहों के दौरान राज्य में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति नहीं बिगड़े, इसके लिए तमाम उपाय किए जाएंगे।"
सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया है, "मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में फैसला लिया गया कि राज्य में अमन-चैन के माहौल को बिगाड़ने वाला कोई कार्यक्रम आयोजित करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।"
बैठक में मौजूद एक अधिकारी ने आईएएनएस से कहा कि बैठक में महसूस किया गया कि भाजपा की एकता यात्रा से घाटी में अमन-चैन को खतरा पैदा हो सकता है और समूचे राज्य में लोगों का जज्बा भड़क सकता है। "इसलिए इसे रोकना बेहद जरूरी है।"
सूत्र के अनुसार राज्य सरकार ने जम्मू से 90 किलोमीटर दक्षिण स्थित जम्मू एवं कश्मीर के प्रवेशद्वार लखनपुर में भाजपा की एकता यात्रा को रोकने का फैसला लिया है।
सूत्र ने बताया कि बैठक में लिए गए फैसले अलगाववादियों पर भी लागू होगा, क्योंकि उन्होंने श्रीनगर के लाल चौक पर उसी दिन काला झंडा फहराने के लिए जुलूस निकालने का एलान किया है और प्रदर्शन करने की योजना बनाई है। काला झंडा फहराने का एलान जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट एवं हुर्रियत कान्फ्रेंस के नरमपंथी और कट्टरपंथी दोनों धड़ों ने किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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