आस्ट्रेलिया नहीं बेचेगा भारत को यूरेनियम (लीड-1)
विदेश मंत्री एस.एम. कृष्णा ने अपने आस्ट्रेलियाई समकक्ष केविन रड के समक्ष रूपरेखा वार्ता में इस मुद्दे को उठाया और उन्होंने स्वच्छ ऊर्जा के रूप में परमाणु ऊर्जा की वकालत की।
कृष्णा ने एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, "यदि आपको स्वच्छ ऊर्जा रखनी है तो भारत के मुताबिक आपके पास परमाणु ऊर्जा को रखना एक मात्र विकल्प है और यदि आप परमाणु ऊर्जा रखते हैं तब आपको निश्चित रूप से यूरेनियम की जरूरत होगी।"
विदेश मंत्री द्वारा स्वच्छ ऊर्जा पर दिया गया जोर आस्ट्रेलिया को उसके पुराने रुख से डिगा नहीं सका। आस्ट्रेलिया ने हालांकि परमाणु अप्रसार पर भारत के साफ सुथरी छवि की प्रशंसा की लेकिन एनपीटी से बाहर देशों को यूरेनियम न बेचने के अपने रुख पर कायम रहा।
रड ने कहा, " आस्ट्रेलिया परमाणु अप्रसार के सवाल पर भारत के लम्बे समय की साख का सम्मान करता है।"
रड ने स्वीकार किया कि भारत विश्व में कहीं भी परमाणु हथियारों के प्रसार के लिए कानून बनाने के लिए जिम्मेदार नहीं हुआ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यूरेनियम मुद्दे पर असहमति दोनों देशों के सम्बंधों को प्रभावित नहीं करेगी।
आस्ट्रेलिया ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में भारत की स्थायी सदस्यता पर अपना समर्थन दोहराया।
विदेश मंत्री की आस्ट्रेलिया दौरा के मद्देनजर भारत ने उम्मीद जाहिर की थी कि वह अपने पुराने रुख की समीक्षा करेगा, लेकिन उसकी यह उम्मीद धुंधली हो गई।
उल्लेखनीय है कि कृष्णा तीन दिनों की यात्रा पर मंगलवार को आस्ट्रेलिया पहुंचे। उन्होंने घोषणा की कि इस साल अक्टूबर में पर्थ में होने वाली राष्ट्रमंडल सरकारों के प्रमुखों की अगली बैठक में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह शिरकत करेंगे। उस समय एक द्विपक्षीय सम्मेलन होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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