'सामरिक भागीदारी के लिए परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में प्रगति जरूरी'
मेलबर्न। भारत को यूरेनियम न बेचने के रुख पर आस्ट्रेलिया के कायम रहने के बीच भारत ने गुरुवार को उसे स्पष्ट कहा कि जब तक परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में प्रगति नहीं होगी, तब तक सामरिक भागीदारी पूर्णतया प्रबल नहीं हो सकती।विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा ने मेलबर्न में गुरुवार को कहा, "जब दोनों देशों के बीच सम्बंधों में प्रगति हो रही है तो ऐसे में मेरा मानना है कि यह समझना बेहद महत्वपूर्ण है कि परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में प्रगति के बगैर सामरिक साझेदारी का पूरी तरह प्रबल नहीं हो सकती ।"
यूरेनियम बिक्री सहित क्षेत्रीय और द्विपक्षीय मसलों से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत बातचीत के दौरान कृष्णा ने आस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री केविन रड से कहा, "मैं आपसे जानना चाहता हूं कि अगले कुछ महीने में आस्ट्रेलिया इस मसले पर क्या रुख तय करेगा।"
कृष्णा मंगलवार से आस्ट्रेलिया की तीन दिवसीय यात्रा पर है। बातचीत शुरू होने से पहले भारत ने आस्ट्रेलिया से यूरेनियम बेचने की अपनी नीति के बारे में पुनर्विचार करने का आग्रह किया था। साथ ही इस मामले में नजरिया बदलने की उम्मीद भी जाहिर की थी।
कृष्णा ने कहा कि यूरेनियम तक पहुंच हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उधर, आस्ट्रेलिया परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) पर हस्ताक्षर न करने वाले देशों को यूरेनियम न बेचने की नीति पर कायम है।
कृष्णा ने यह भी बताया कि अक्टूबर में होने वाले राष्ट्रमंडल देशों के शासनाध्यक्षों की बैठक और द्विपक्षीय सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह आस्ट्रेलिया के पर्थ का दौरा करेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications