किसकी 'तलाश' में उत्तर प्रदेश आए थे राहुल गांधी?
ये सवाल सिर्फ उत्तर प्रदेश के युवाओं के मन में नहीं, बल्कि हर उस व्यक्ति के मन में उठ सकते हैं, जो यूपी से सरोकार रखते हैं। उन छात्र-छात्राओं के मन में उठ सकते हैं, जो एनएसयूआई के उस कार्ड को लेकर (जिस पर 'तलाश' लिखा था) राहुल से मिलने गईं।
राहुल यहां किसी व्यक्ति की तलाश में नहीं आए थे। दरअसल राहुल गांधी का टारगेट इस समय 2012 में होने वाला विधान सभा चुनाव है। राहुल यह अच्छी तरह जानते हैं कि युवा शक्ति के बिना कांग्रेस यूपी में कुछ नहीं कर सकती है। अब आप सोच रहे होंगे, कि इसका राहुल अभी ही क्यों आए, तो हम आपको बता दें कि 18 और 19 जनवरी को एक बार फिर राहुल यूपी आएंगे, लेकिन इस बार वो युवाओं से नहीं, बड़े नेताओं से मिलने आएंगे। चूंकि 18-19 को होने वाली बैठक में राहुल गांधी 2012 की चुनावी रणनीति तय करेंगे।
चुनाव की रणनीत तय करने से पहले राहुल यह सुनिश्चित करना चाहते थे, कि क्या वाकई में यूपी के युवा उनके साथ हैं या नहीं। चुनावी कार्यक्रम बनाने से पहले राहुल यह जानना चाहते थे कि पिछले तीन साल में एनएसयूआई और युवा कांग्रेस अपने कार्यों में कितनी सफल हुईं। यही कारण है कि राहुल गांधी चुनावी मीटिंग से पहले युवाओं से मिलने यहां आय।
कांग्रेस नेताओं की मानें तो राहुल गांधी युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यों से बहुत ज्यादा खुश नहीं हैं। बिहार विधानसभा में कांग्रेस की करारी हार देख चुके राहुल उत्तर प्रदेश में कोई रिस्क लेने को तैयार नहीं हैं। हर पदाधिकारी से वो निजी तौर पर मिलकर रणनीति तैयार कर रहे हैं। खास बात यह है कि राहुल इस बार शहर ही नहीं, बल्कि ग्रामीण स्तर पर भी ज्यादा से ज्यादा लोगों को कांग्रेस से जोड़ना चाहते हैं और उनके इस काम को सफल यहां के युवा बना रहे हैं।













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