बिहार चुनाव : प्रथम चरण के लिए सुरक्षा चाक-चौबंध

राज्य के पुलिस महानिदेशक नीलमणि ने बुधवार को बताया कि नेपाल से सटी राज्य की सभी सीमाओं को सील कर दिया गया है तथा सीमा पार कर मतदान में गड़बड़ी फैलाने के उद्देश्य से आने वाले असामाजिक तत्वों पर सीमा सुरक्षा बल तथा अर्धसैनिक बलों की पैनी नजर है। उन्होंने बताया कि नेपाल से सटे इलाकों में सुरक्षाकर्मी लगातार गश्त कर रहे हैं, जिसमें प्रशिक्षित कुत्तों की भी मदद ली जा रही है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सम्पन्न कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि जिस मतदान केंद्र पर जैसी आवश्यकता है, वैसी व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि पर्याप्त संख्या में अर्धसैनिक बल उपलब्ध कराए गए हैं। इस बीच पुलिस मुख्यालय के एक अधिकारी के मुताबिक राज्य में प्रथम चरण में होने वाले विधानसभा क्षेत्रों में अर्धसैनिक बलों की 300 कम्पनियां तैनात की गई हैं। इधर, राज्य निर्वाचन विभाग के अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कुमार अंशुमाली ने बताया कि सभी मतदान केंद्रों पर अर्धसैनिक बलों की तैनाती की योजना है।
उन्होंने बताया कि जिन मतदान केंद्रों पर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती नहीं होगी वहां अन्य सशस्त्र बल होंगे। बूथों की निगरानी के लिए माइक्रो आब्जर्वर होंगे। इसके अलावा 20 प्रतिशत मतदान केंद्रों पर 'लाइव वेब कास्टिंग' की व्यवस्था होगी। इसके जरिए मतदान केंद्र की प्रत्येक गतिविधियों पर चुनाव आयोग, निर्वाचन विभाग और सम्बंधित जिला निर्वाचन पदाधिकारी नजर रखेंगे। एक मतदान केंद्र से दूसरे मतदान केंद्रों के बीच भी सुरक्षाबलों की गश्त कराई जाएगी।
उन्होंने बताया कि निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए मजिस्ट्रेट और सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। इन मजिस्ट्रेटों के पास दबंग लोगों और उन टोलों की सूची रहेगी जिनके द्वारा मतदान में बाधा उत्पन्न किए जाने की आशंका है।राज्य के मधुबनी, अररिया, सुपौल, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, सहरसा और मधेपुरा जिले की विधानसभा सीटों पर प्रथम चरण में मतदान होगा। गौरतलब है प्रथम चरण के चुनाव में 10,454 मतदान केंद्रों पर कुल एक करोड़ छह लाख 99 हजार 895 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।












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