हंगामेदार होगा राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र
जयपुर, 29 अगस्त (आईएएनएस)। राजस्थान विधानसभा के सोमवार से शुरू हो रहे मानसून सत्र के हंगामेदार होने की संभावना है। करीब एक हफ्ते तक चलने वाले इस सत्र में पंचायतों को और अधिकार दिए जाने संबंधी विधेयक के साथ ही आधा दर्जन विधेयक लाए जाने की उम्मीद है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सूत्रों के मुताबिक शहरी निकायों के चुनाव नतीजोंे से गदगद विपक्षी भाजपा सदन में राज्य सरकार को पहले दिन से ही घेरने की रणनीति बना रही है।
विपक्ष के कार्यवाहक नेता घनश्याम तिवाड़ी ने सोमवार को विधानसभा परिसर में ही विधायक दल की बैठक बुलाई है, जबकि सत्र की तैयारियों को लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस विधायक दल की बैठक मंगलवार को होगी।
मानसून सत्र में विपक्ष रुख पहले ही साफ हो चुका है। सरकार की घेराबंदी करने के लिए उसके पास कई मुद्दे हैं। विधायक दल का नेता नहीं चुने जाने के कारण विपक्ष की अगुवाई करने का जिम्मा इस बार भाजपा के वरिष्ठ विधायक घनश्याम तिवाड़ी के पास है।
तिवाड़ी पहले ही कह चुके हैं कि राज्य सरकार जनता से जुड़े मुद्दों पर सदन में बहस से बचना चाहती है, विपक्ष इस बात को भी अहम मुद्दा बनाएगा।
तिवाड़ी चाहते हैं कि इस बार सूखा, अकाल और बिजली पानी के संकट से जिस तरह जनता को परेशान होना पड़ा, इस पर सदन में सकारात्मक बहस होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि राज्य में लोगों को गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ा है। यहां तक कि राजधानी जयुपर में भी पानी की कटौती करनी पड़ी।
दूसरी ओर, राज्य सरकार की तरफ से सत्र के दौरान करीब पांच विधेयक लाए जाने पर विचार किया जा रहा है। इनमें कृषि जोत संबंधी पूर्व के विधेयक सहित पंचायतों को अधिकार देने, उद्योग विभाग में एकल खिड़की प्रणाली लागू करने और शहरी निकायों से संबंधित विधेयक प्रमुख हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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