पंजाब और हरियाणा में बाढ़ का खतरा बरकरार
हिमाचल प्रदेश के 225 मीटर ऊंचे भाखड़ा बांध का जलस्तर सोमवार शाम बढ़कर 1,673.46 तक पहुंच गया। जलाशय का स्तर प्रति 24 घंटे में एक फीट बढ़ रहा है।
बीबीएमबी के प्रवक्ता ने आईएएनएस को बताया, "हम स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं और अधिक पानी को सतलुज नदी में छोड़ा जा रहा है। स्थिति अभी नियंत्रण में है।"
प्रवक्ता ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश के बाद 75,000 से 80,000 क्यूसेक पानी का दबाव बांध पर पड़ रहा है।
बीबीएमबी की तरफ से ही पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान को पेयजल की आपूर्ति करता है और बिजली पैदा करता है।
भाखड़ा बांध से सतलुज नदी में पानी छोड़े जाने के कारण निचले इलाकों बाढ़ का खतरा बना हुआ है। रोपड़, लुधियाना और फिरोजपुर जिलों के अलावा पंजाब के आनंदपुर साहिब और किरत साहिब में बाढ़ की आशंका पैदा हो गई है।
पंजाब के मुख्य सिंचाई इंजीनियर अमरजीत सिंह दौलत ने कहा कि बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। अभी तक स्थिति सामान्य बनी हुई है।
इधर, हरियाणा के यमुनानगर, करनाल, सोनीपत, पानीपत, फरीदाबाद और पलवल जिलों में भी बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। राज्य में यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान के निकट पहुंच गया है।
हरियाणा में सिंचाई विभाग के मुख्य इंजीनियर हरमैल सिंह ने कहा, "यमुना नदी में जल स्तर बढ़ने की वजह से अभी तक किसी तरह के जानमाल का नुकसान होने का समाचार नहीं है। यमुनानगर जिले के कुछ हिस्सों में फसलों को नुकसान पहुंचा है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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