वेदांता की बॉक्साइट परियोजना को पर्यावरण मंजूरी देने से इंकार (लीड-1)
रमेश ने संवाददाताओं से कहा, "सक्सेना समिति की रिपोर्ट, वन सलाहकार समिति की सिफारिशों ओर अटार्नी जनरल की कानूनी राय पर विचार किया गया और इसके आधार पर पर्यावरण मंजूरी को वापस ले लिया गया।"
नियामगिरी के जंगलों में वेदांता को खनन की अनुमति खारिज करने का मंत्रालय की वन सलाहकार समिति का फैसला सक्सेना समिति की रिपोर्ट पर आधारित है।
रमेश ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा वर्ष 2008 में परियोजना को सैद्धांतिक आधार पर मंजूरी दी गई थी लेकिन सक्सेना समिति की रिपोर्ट में नए मुद्दे आए हैं।
एन.सी.सक्सेना की अध्यक्षता वाली विशेषज्ञों की एक समिति ने अपनी सिफारिश में कहा कि नियामगिरी पहाड़ियों में वेदांता को खनन की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि वन अधिकार कानून के तहत दावों को नहीं सुलझाया गया।
उड़ीसा के जनजातीय लोग और स्वयंसेवी संगठन वेदांता की परियोजना को समाप्त करवाना चाहते हैं। उन्हें लग रहा है कि इससे डोंगरिया कोंध और कुटिया कोंध जनजातियों की संस्कृति खत्म हो जाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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