हड़ताली जूनियर डॉक्टरों को निष्कासित करने के आदेश
हड़ताली जूनियर डॉक्टर मांगें पूरी होने से पहले काम पर लौटने को तैयार नहीं हैं। मध्य प्रदेश के जूनियर डॉक्टर 17 अगस्त से 20 सूत्रीय मांगों को लेकर बेमियादी हड़ताल पर हैं। इस हड़ताल से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं।
स्वास्थ्य राज्य मंत्री महेंद्र हार्डिया के आश्वासन पर भोपाल के जूनियर डॉक्टर काम पर लौट आएं हैं। इंदौर, रीवा, जबलपुर व ग्वालियर के शेष चार चिकित्सा महाविद्यालयों के जूनियर डॉक्टर अब भी हड़ताल पर हैं।
हार्डिया ने जूनियर डॉक्टरों के प्रतिनिधियों से शुक्रवार को चर्चा की मगर बात नहीं बनी। शनिवार की रात को स्वास्थ्य राज्य मंत्री ने हड़ताली जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देष दिए।
मंत्री के आदेश में कहा गया है कि जो डॉक्टर हड़ताल पर हैं या हड़ताल के लिए उकसा रहे हैं उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। उनको स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम से निलंबित किया जाए। जो रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर हैं उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएं। इतना ही नहीं इन सभी से छात्रावास भी खाली कराए जाएं।
दूसरी ओर जूनियर डॉक्टरों ने सरकार की चेतावनी को दरकिनार कर हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया है। हड़ताल के कारण चार चिकित्सा महाविद्यालयों के अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह गड़बड़ा चुकी हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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