अलीगढ़ में गोलीबारी को लेकर संसद में हंगामा, कार्यवाही स्थगित (लीड-3)
लोकसभा की कार्यवाही आरंभ होते ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), समाजवादी पार्टी (सपा) और राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। कांग्रेस भी इस मुद्दे पर विपक्षी सदस्यों के साथ दिखी। हंगामा कर रहे सदस्य लोकसभाध्यक्ष मीरा कुमार के आसन के नजदीक पहुंच गए। विपक्षी सदस्य मुआवजा बढ़ाने की मांग कर रहे थे। हंगामा न थमता देख मीरा कुमार ने कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी।
कार्यवाही दोबारा आरंभ होने पर विपक्षी सदस्यों का हंगामा जारी रहा। उत्तर प्रदेश में सत्ताधारी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सदस्यों की सपा और भाजपा के कुछ सदस्यों से नोंक-झोंक भी हुई। हंगामा जारी रहने पर लोकसभाध्यक्ष ने कार्यवाही दो बजे तक स्थगित कर दी।
दोपहर दो बजे सदन बैठक फिर शुरू होने के बाद भी हंगामा जारी रहा और सदन मंगलवार 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
लोकसभा में भाजपा ने भूमि अधिग्रहण के संदर्भ में नया कानून बनाने की मांग की। पार्टी के नेता राजनाथ सिंह ने आईएएनएस से कहा, "हम चाहते हैं कि संसद के इसी सत्र में इस संबंध में अध्यादेश लाया जाए ताकि उत्तर प्रदेश और पूरे देश के किसानों को भूमि अधिग्रहण के समय परेशान न होना पड़े।"
इस मसले पर राज्यसभा में भी हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली ने तत्काल चर्चा की मांग की। इस पर सभापति हामिद अंसारी ने कहा, "यह मसला गंभीर है। प्रश्नकाल चलने दीजिए। इस पर शून्यकाल में चर्चा की इजाजत दी जाएगी।"
राज्यसभा में प्रश्नकाल शुरुआती घंटे में चला लेकिन विपक्षी सदस्यों ने फिर से इस मसले पर हंगामा शुरू कर दिया। इसकी वजह से उपसभापति के. रहमान खान ने सदन की कार्यवाही पहले 15 मिनट के लिए और फिर दिन में दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। सदन में बसपा और भाजपा के सदस्यों में नोंकझोंक भी हुई। दोपहर दो बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद हंगामा जारी रहा और सदन की कार्यवाही मंगलवार 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
इससे पहले रविवार देर रात उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प को गंभीरता से लेते हुए अलीगढ़ मंडल के मंडलायुक्त व जिलाधिकारी को हटाकर पूरी घटना की न्यायिक जांच कराने के आदेश दिए। सरकार ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा देने का फैसला किया।
गौरतलब है कि अलीगढ़ में शनिवार देर रात किसानों और पुलिस के बीच संघर्ष में एक पुलिसकर्मी सहित दो लोगों की मौत हो गई थी और करीब 10 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।
किसान नोएडा और आगरा के बीच बनने वाले यमुना एक्सप्रेस वे के लिए अधिग्रहित की जा रही जमीन के लिए ज्यादा मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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