सावन में कीजिये शंभूनाथ का जलाभिषेक
पौराणिक कथाओं के अनुसार श्रावण माह में ही समुद्र मंथन किया गया था। मंथन के दौरान समुद्र से विष निकला। भगवान शंकर ने इस विष को अपने कंठ में उतारकर संपूर्ण सृष्टि की रक्षा की थी। इसलिए इस माह में शिव-उपासना से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है।
सावन है शिव का प्रिय महीना
भगवान शिव की मूर्ति व शिवलिंग पर जल चढ़ाने का महत्व भी समुद्र मंथन की कथा से जुड़ा हुआ है। अग्नि के समान विष पीने के बाद शिव का कंठ एकदम नीला पड़ गया था। विष को शांत कर भगवान भोले को शीतलता प्रदान करने के लिए समस्त देवी-देवताओं ने उन्हें जल-अर्पण किया। इसलिए शिव पूजा में जल का विशेष महत्व माना है।
पूरी होती हैं मुरादें
इसलिए आप भी भोले नाथ को जल चढ़ाइये और अपनी इच्छा की पूर्ति करिये। पंडितो के अनुसार ये सावन फलदायक है तो देर किस बात की है चढ़ाइये शंभूनाथ को जल और पूरी कर लीजिये अपनी मुरादे ।













Click it and Unblock the Notifications