फसल ऋण के लिए बैंकों को 4,868 करोड़ रुपये मंजूर
मंत्रिमंडल ने यह फैसला सामान्य रूप से किसानों को प्रति वर्ष सात प्रतिशत की दर (शीघ्र भुगतानकर्ताओं के लिए पांच प्रतिशत) से लघुकालिक फसल ऋण सुनिश्चित करने के लिए ब्याज सहायता राशि के भुगतान के लिए क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और सहकारिता बैंकों को रियायती दरों पर भुगतान के लिए धन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लिया। वर्ष 2010-11 के दौरान इसके लिए मूलधन की अधिकतम सीमा तीन लाख रुपये तय की गई है।
सरकार वर्ष 2006-07 से लेकर किसानों को लघुकालिक फसल ऋण की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सात प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर पर अधिकतम 3.00 लाख रुपये तक के ऋणों के लिए सहायता राशि उपलब्ध कराती रही है।
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्षो के दौरान कृषि ऋण प्रवाह के लिए बैंकों ने निर्धारित लक्ष्यों की निरंतर पूर्ति की है। वर्ष 2010-11 के लिए कृषि ऋण प्रवाह का लक्ष्य वर्ष 2009-10 के 3,25,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 3,75,000 करोड़ रुपये किया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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