लौह अयस्क के निर्यात पर प्रतिबंध लगा सकती है केंद्र सरकार

बेंगलुरू, 31 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्र सरकार देश के लौह अयस्क भंडारों के संरक्षण के लिए इसके निर्यात पर रोक लगाने या इसे सीमित करने की योजना बना रही है।

यहां से 320 किलोमीटर दूर बेल्लारी के समीप तोरनागल स्थित जिंदल इस्पात संयंत्र में एक समारोह के दौरान केंद्रीय इस्पात मंत्री वीरभद्र सिंह ने शनिवार को कहा, "हम लौह अयस्क के निर्यात पर रोक लगाएंगे। यदि यह संभव नहीं हुआ तो इसे सीमित किया जाएगा।"

कर्नाटक सरकार द्वारा लौह अयस्क के निर्यात पर प्रतिबंध के निर्णय का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि खनिज संसाधनों के संरक्षण के लिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि निर्यात के बजाए इनसे बने इस्पात जैसे उत्पादों को बढ़ावा दिया जाए।

केंद्र सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष (2010-11) में 14 करोड़ टन इस्पात उत्पादन का लक्ष्य रखा है।

प्रदेश सरकार द्वारा लौह अयस्क के निर्यात पर प्रतिबंध के निर्णय का समर्थन करते हुए जेएसडब्ल्यू स्टील के उपाध्यक्ष और कार्यकारी निदेशक सज्जन जिंदल ने कहा सरकार को नए इस्पात संयंत्रों को बढ़ावा देना चाहिए और खनिज संसाधनों से बने उत्पादों को बढ़ावा देना चाहिए।

इसके अलावा केंद्र सरकार अवैध खनन रोकने और खनन गतिविधियों के नियंत्रण के लिए एक खनन नियामक प्राधिकरण के गठन का प्रस्ताव रखा है।

इस प्राधिकरण के गठन का निर्णय केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने दिया है।

केंद्रीय कानून मंत्री एम. वीरप्पा मोइली ने कहा, "सरकार संसद के मौजूदा सत्र में खनन एवं खनिज (विकास एवं नियमन) विधेयक प्रस्तुत करेगी।"

इस संशोधन विधेयक में नियामक प्राधिकरण का प्रावधान भी शामिल रहेगा।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+