विवादों के बीच त्रिपुरा पहुंची क्वींस बेटन
त्रिपुरा सरकार इस मशाल की अगवानी करना चाहती थी लेकिन हवाई अड्डे पर त्रिपुरा प्रदेश ओलंपिक संघ (टीएसओए) के अध्यक्ष और कांग्रेस नेता गोपाल राय ने इसकी प्रथम अगवानी की। विधायक राय ने पत्रकारों से कहा, "टीएसओए, भारतीय ओलंपिक संघ से मान्यता प्राप्त संगठन है।"
त्रिपुरा सरकार ने इस घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। सरकार के अधिकारी और प्रतिनिधि आगवानी के लिए हवाई अड्डे पर मौजूद थे।
खेल मंत्री तपन चक्रवर्ती ने कहा, "जब तक सुरेश कलमाडी जैसे लोग ओलंपिक संघ का नेतृत्व करेंगे तब तक देश में खेलों का विकास संभव नहीं है। प्रदेश सरकार मशाल रैली जैसे खेल कार्यक्रम पर राजनीति नहीं करना चाहती है।"
भारतीय ओलंपिक संघ और राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति के अध्यक्ष कलमाडी ने पिछले सप्ताह त्रिपुरा सरकार को पत्र लिखकर मांग की थी कि टीएसओए के अध्यक्ष राय को इस मशाल की आगवानी करने दी जाए।
कलमाडी के पत्र का जवाब देते हुए त्रिपुरा सरकार ने अपने पत्र में कहा था कि त्रिपुरा में दो ओलंपिक समितियां हैं इसलिए यह समझदारी नहीं है कि एक गैर सरकारी संस्था मशाल की आगवानी करें।
विवाद के बाद मशाल रैली के निदेशक कर्नल के. एस. बान्सतू ने एक समारोह के दौरान यह मशाल खेल मंत्री चक्रवर्ती को सौंपी इसके बाद दोपहर बाद शहर में रैली निकाली गई।
यह मशाल 100 दिनों में देश के विभिन्न राज्यों से होते हुए पूरे देश की यात्रा कर रही है।
मशाल 25 जून को पाकिस्तान के रास्ते भारत पहुंची थी। उससे पहले उसने दुनिया भर में 170,000 किलोमीटर की यात्रा की। भारत में इसे राज्योंे और केंद्र शासित प्रदेशोंे की 20,000 किलोमीटर की यात्रा करते हुए 30 सितंबर को नई दिल्ली पहुंचना है। राष्ट्रमंडल खेलों की शुरूआत तीन अक्टूबर को होनी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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