कश्मीर में पुलिस गोलीबारी में 2 युवकों की मौत (लीड-2)
इसके साथ ही शुक्रवार से अब तक प्रदर्शनकारियों पर पुलिस गोलीबारी में मरने वालों की संख्या बढ़ कर छह हो गई है और घायलों की संख्या 60 से अधिक हो गई।
भीड़ ने कई स्थानों पर कर्फ्यू का उल्लंघन किया और सोपोर रेलवे स्टेशन पर एक इमारत पर हमला किया और उसे आग के हवाले कर दिया। शुक्रवार को यहां पुलिस की गोलीबारी में दो युवकों की मौत हो गई थी। भीड़ ने जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर वाहनों पर पथराव किया। अलग-अलग घटनाओं में वायु सेना के दो वाहनों और एक दमकल वाहन सहित चार वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया।
इस बीच सत्ताधारी नेशनल कांफ्रेंस के मंत्रियों और नेताओं की बैठक में सभी गिरफ्तार नेताओं और प्रदर्शनकारियों को रिहा करने का निर्णय लिया गया। बैठक में इस बात का भी निर्णय लिया गया कि केंद्र सरकार से कहा जाए कि वह बिना समय गंवाए अलगाववादियों के साथ बातचीत शुरू करे।
पुलिस के अनुसार नारेबाजी करती प्रदर्शनकारियों की एक भीड़ ने बांदीपोरा जिले में राज्य सशस्त्र पुलिस के नैदखई शिविर पर शनिवार अपराह्न् हमला बोल दिया।
एक पुलिस अधिकारी ने यहां कहा, "शिविर में तैनात पुलिस कर्मियों ने चेतावनी स्वरूप हवा में गोलियां दागी। लेकिन प्रदर्शनकारियों पर इसका कोई असर नहीं हुआ। उसके बाद पुलिस को मजबूरन गोलीबारी करनी पड़ी। गोलीबारी में दो व्यक्ति बुरी तरह घायल हो गए। उनमें से एक ने बाद में दम तोड़ दिया। उसकी पहचान मुदासिर अहमद लोन (23) के रूप में हुई है।"
दूसरी ओर उत्तरी कश्मीर के बारामूला कस्बे में प्रदर्शनकारियों ने वहां तैनात सुरक्षा बलों पर हमला बोल दिया। इसके बाद सुरक्षा बलों की कार्रवाई में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। युवक की पहचान जावेद अहमद तेली के रूप में हुई है। तेली को सिर में गंभीर चोटें आई थी।
तेली को श्रीनगर के सौरा स्थित शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस में भर्ती कराया गया, लेकिन बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
इसके पहले शनिवार सुबह उग्र भीड़ ने बारामूला जिले के क्रीरी गांव में पुलिस की गोलीबारी में दो महिलाओं और एक बच्चे को गोली लग गई। वहां भीड़ ने एक स्थानीय पुलिस शिविर पर हमला बोल दिया था। घायलों का श्रीनगर के एक अस्पताल में अभी इलाज चल रहा है।
शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के चिकित्सकों ने घायल लड़के की स्थिति गंभीर बतायी है।
शुक्रवार को पुलिस गोलीबारी में मारे गए चारों व्यक्तियों की पहचान मुहम्मद अहसान गनी, शौकत अहमद, आदिल शेख और नाजिर अहमद मीर के रूप में हुई है।
शुक्रवार की झड़पों में सुरक्षाकर्मियों और पुलिसकर्मियों सहित 50 लोग घायल हो गए थे।
शुक्रवार को सोपोर में मारे गए दो नागरिकों के जनाजे में 10,000 से अधिक लोग शामिल हुए।
शवों को दफनाने के बाद भीड़ ने सोपोर रेलवे स्टेशन पर हमला किया और एक अन्य इमारत को आग लगा दी। आग बुझाने पहुंचे एक दमकल वाहन को भी भीड़ ने आग लगा दी।
प्रदर्शनकारियों ने श्रीनगर-मुजफ्फराबाद राजमार्ग को बारामूला के समीप देलिना कस्बे में जाम कर दिया।
पथराव करने वाली भीड़ ने बारामूला कस्बे में भी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों के साथ संघर्ष किया। सीआरपीएफ ने भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया।
घाटी के कई अन्य कस्बों में भीड़ के पथराव करने की घटनाएं सामने आईं हैं।
कर्फ्यू लागू कराने के लिए श्रीनगर के पुराने हिस्सों में सुरक्षाकर्मी गश्त कर रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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