सोनिया गांधी से स्कूल फीस पर नियंत्रण की मांग
गांधी को लिखे पत्र में संघ ने कहा कि सरकारी स्कूलों का बुनियादी शैक्षणिक ढांचा खराब होने के कारण बेहतर गुणवत्ता वाले निजी स्कूल अधिक पैसे वसूलकर अभिभावकों का शोषण कर रहे हैं।
संघ के सदस्य अशोक अग्रवाल ने कहा, "आम आदमी अपने बच्चों को बेहतर गुणवत्ता वाले निजी स्कूलों की शिक्षा दिलाने में अक्षम हैं। एक तरफ तो सरकारी स्कूलों का बुनियादी शैक्षणिक ढांचा खराब है, दूसरी ओर कुप्रबंधन के कारण अपने बच्चों को गुणवत्ता वाली शिक्षा दिलाने में लोग पिछड़ रहे हैं।"
इस मामले को निशुल्क शिक्षा के अधिकार का हनन बताते हुए पत्र में कहा गया, "भारतीय संविधान राज्य को 14 वर्ष तक के सभी बच्चों को निशुल्क एवं बेहतर गुणवत्ता युक्त प्राथमिक शिक्षा मुहैया कराने का आदेश देता है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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