उच्च शिक्षा में आर्थिक स्थिति आड़े नहीं आनी चाहिए : सिब्बल

मुंबई, 31 जुलाई (आईएएनएस)। मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने शनिवार को कहा कि हमें ऐसा समाज बनाना है, जहां हर विद्यार्थी को स्कूल जाने का अवसर मिले और वह उच्च शिक्षा ग्रहण करने में सक्षम हो सके। इस रास्ते में उसकी आर्थिक स्थिति आड़े नहीं आनी चाहिए।

इंडो-अमेरिकन सोसायटी के स्वर्ण जयंती समारोह के उद्घाटन कार्यक्रम में सिब्बल ने अपने संबोधन में कहा, "22 करोड़ बच्चे स्कूल जाते हैं। इसमें से 1.40 करोड़ बच्चे कॉलेज स्तर तक पहुंच पाते हैं। फिलहाल नामांकन का प्रतिशत 12.4 है। हम 2020 तक इसे बढ़ा कर 30 प्रतिशत तक करना चाहते हैं।"

सिब्बल ने कहा, "यदि 500 विश्वविद्यालय 12.4 प्रतिशत नामांकन करते हैं, तो इस लिहाज से 30 प्रतिशत नामांकन हासिल करने के लिए हमें 800 विश्वविद्यालयों की आवश्यकता होगी। इसी तरह यदि 25,000 स्कूलों से नामांकन की स्थिति 12.4 प्रतिशत है, तो 30 प्रतिशत नामांकन हासिल करने के लिए हमें और 10,000 स्कूलों की आवश्यकता होगी।"

सिब्बल ने कहा, "हम बड़ी संख्या में स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की स्थापना में सार्वजनिक-निजी भागीदारी को प्रोत्साहित करेंगे।"

सिब्बल ने शिक्षा और व्यावसायिक शिक्षा में तालमेल की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "यह एक विकेंद्रित योजना में बेहतर काम कर सकता है। राज्य सरकारों को ऐसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की पहचान करनी होगी, जो उस खास राज्य के लिए ज्यादा उपयोगी हों और उसके बाद शिक्षा के साथ उसका तालमेल बिठाया जाए।"

सिब्बल ने कहा कि देश में लोकतंत्र तभी कायम हो सकता है, जब कक्षाओं में चयन की आजादी होगी।

उन्होंने कहा, "लोकतंत्र तभी फलेगा-फूलेगा, जब कक्षाओं में लोकतंत्र होगा। विद्यार्थियों के सामने, शिक्षा और व्यावसायिक शिक्षा तथा दोनों के मिश्रण के संदर्भ में अधिक विकल्प रखे जाने की जरूरत है।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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