'तंबाकू नियंत्रण चिकित्सा पाठ्यक्रम में शामिल हो'

'तंबाकू नियंत्रण एवं स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं का प्रशिक्षण' नामक अध्ययन को शुक्रवार को जारी किया गया। इसमें जोर दिया गया है कि भारतीय शिक्षा परिषद (एमसीआई) और लोक स्वास्थ्य में तंबाकू नियंत्रण को शामिल किया जाना एक तात्कालिक जरूरत है। साथ ही इन्हें स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं और चिकित्सा छात्रों के लिए तंबाकू निवारण प्रशिक्षण मैनुअल विकसित करने की जिम्मेदारी दी जानी चाहिए।

यह अध्ययन करवाने वाली संस्था वालेंटरी हेल्थ एसोसिएशन ऑफ इंडिया (वीएचएआई) के आलोक मुखोपध्याय ने कहा, "अंतरस्नातक और परास्नातक चिकित्सा पाठ्यक्रमों में तंबाकू निवारण तकनीकों को औपचारिक रूप से शामिल किया जाना चाहिए। प्रत्येक चिकित्सा संस्थान में तंबाकू निवारण क्लीनिकों को शुरू किया जाना चाहिए। साथ ही संकाय को उचित प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।"

अध्ययन में पता चला कि भारत में ज्यादातर चिकित्सा छात्र धूम्रपान करते हैं या तंबाकू से बने उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार स्वास्थ्य मंत्रालय को तंबाकू को राष्ट्रीय संचारी रोग (एनसीडी) की श्रेणी में लाना चाहिए।

एक स्वास्थ्य विशेषज्ञ एल. एम. नाथ कहते हैं, "इस अध्ययन की रिपोर्ट ऐसे समय आई है जब एमसीआई चिकित्सा पाठ्यक्रमों में सुधार के बारे में गंभीरता से विचार कर रहा है। तंबाकू को एनसीडी की श्रेणी के तहत लाने के लिए एमसीआई को गंभीरतापूर्वक विचार करना चाहिए।"

तंबाकू के इस्तेमाल से दुनिया भर में हर साल 50 लाख लोग मौत के मुंह में समा जाते हैं। अकेले भारत में इसकी वजह से हर साल 10 लाख लोगों की मौत होती है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+