गोर के खिलाफ यौन शोषण का मामला नहीं
वाशिंगटन, 31 जुलाई (आईएएनएस)। अमेरिकी राज्य ओरेगन में सरकारी वकीलों ने कहा है कि पूर्व उप-राष्ट्रपति और नोबल पुरस्कार विजेता अल गोर के खिलाफ एक मसाज करने वाली महिला के साथ यौन उत्पीड़न करने का मुकदमा चलाने का कोई आधार नहीं है।
समाचार एजेंसी 'डीपीए' के अनुसार मल्टनोमाह काउंटी जिले के अटॉर्नी माइकल स्रंक ने शुक्रवार को कहा कि वह जांचकर्ताओं की संस्तुति से सहमत हैं कि गोर के खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं बनता।
जांचकर्ताओं ने गोर पर आरोप लगाने वाली 54 वर्षीया मोली हागेर्टी के दावे और जांच में आए नतीजों में विरोधाभास पाया। जांच में महिला के कपड़ों में वीर्य नहीं पाया गया। जांचकर्ताओं के अनुसार ऐसी कहानी गढ़ने के लिए उसे एक समाचार पत्र ने पैसे दिए थे।
पोर्टलैंड शहर की पुलिस ने कई सप्ताह पहले इस मामले की जांच दोबारा शुरू की थी। हागेर्टी ने गोर पर आरोप लगाया था कि 2006 में उन्होंने पोर्टलैंड के एक होटल में उसका यौन उत्पीड़न किया था लेकिन सबूतों के अभाव में मामले की जांच नहीं हुई।
जून में एक समाचार पत्र 'नेशनल एनक्वायरर' में छपे हागेर्टी के एक साक्षात्कार के बाद मामले की जांच दोबारा शुरू की गई थी।
इस साक्षात्कार में हागेर्टी ने गोर को एक 'विकृत और यौन शिकारी' बताया था। हार्गेटी ने दावा किया था कि गोर ने उसका यौन उत्पीड़न किया।
अटॉर्नी माइकल स्रंक के एक सहयोगी रीड्स के अनुसार जांच के दौरान हागेर्टी अपने आरोपों की पुष्टि करने वाले चिकित्सा और अन्य दस्तावेजों को पेश कर पाने में असफल रहीं। इसके अलावा एक लाई डिटेक्टर परीक्षण में भी वह सफल नहीं हो पाईं।
उन्होंने बताया कि इस कहानी को गढ़ने के लिए नेशनल एनक्वायरर ने उन्हें पैसे दिए थे। इसके अलावा हागेर्टी ने फोरेंसिक जांचकर्ताओं को जो पैंट दिया था उस पर वीर्य नहीं पाया गया।
शादी के 40 साल बाद जून में गोर और उनकी पत्नी टिप्पर ने अलग-अलग रहने का फैसला कर लिया। ग्लोबल वार्मिग को रोकने की दिशा में उनके योगदान के लिए उन्हें 2007 में नोबल शांति पुरस्कार प्रदान किया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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