देश की इस्पात उत्पादन क्षमता 2015 तक 10 करोड़ टन होगी : ईरानी
'नेतृत्व एवं संगठनात्मक बदलाव' विषय पर सीआईआई के एक सम्मेलन में ईरानी ने कहा, "मेरा मानना है कि इस क्षेत्र में हम तेजी से विकास कर रहे हैं। वर्ष 2015 तक देश में प्रतिवर्ष 10 करोड़ टन इस्पात का उत्पादन हो सकता है।"
ईरानी का ने यह टिप्पणी तब की जब उनसे इस्पात मंत्री वीरभद्र सिंह द्वारा वर्ष 2012 तक 12.4 करोड़ टन उत्पादन क्षमता का लक्ष्य रखे जाने के बारे में सवाल पूछा गया।
उन्होंने कहा अगले साल के अंत तक हमारे जमशेदपुर संयंत्र की इस्पात उत्पादन क्षमता एक करोड़ टन प्रतिवर्ष हो जाएगी।
इस्पात उद्योग के बारे में टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, "कीमतों में कमी और चीन की अत्यधिक उत्पादन क्षमता के कारण इस्पात उद्योग इन दिनों समस्याएं झेल रहा है।"
"यह समस्या पश्चिमी देशों के लिए भी है और पूरी दुनिया के इस्पात उद्योग के लिए भी। भारत अलग नहीं है। यदि हम अपनी कीमतों को ऊंचा रखते हैं तो चीन का सस्ता माल आयात हो जाता है। इसलिए भारत में भी कीमतें कम बनी हुई हैं। लेकिन ऐसा ज्यादा समय तक नहीं चलेगा।"
ईरानी ने इस बात का समर्थन किया कि विदेशी कंपनियों को भारत में उत्पादन करने की पूरी इजाजत दी जाए न कि विदेशों से माल का आयात किया जाए। उन्होंने कहा, "इससे यहां के लोगों को रोजगार मिलेगा, नई तकनीकों का विकास होगा। भारत के विकास में मदद मिलेगी।"
इसके अलावा उन्होंने लौह अयस्क के निर्यात पर रोक लगाने की मांग का भी समर्थन किया, "यह बुहत जरूरी है, खनिजों का उपभोग बेहद तेजी से किया जा रहा है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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