पंजाब विश्वविद्यालय में हिंसा रोकने की कवायद
चण्डीगढ़ पुलिस के पास दर्ज शिकायतों के अनुसार विश्वविद्यालय परिसर में प्रतिद्वंद्वी दलों के छात्र नेताओं के बीच हुई झड़पों से संबंधित कम से कम 33 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वर्ष 2005 से अब तक पूछताछ के मकसद से 90 से अधिक लोग या तो हिरासत में लिए गए हैं या गिरफ्तार किए गए हैं।
विश्वविद्यालय परिसर में होने वाले अधिकतर झगड़े छात्र संघ चुनाव से जुड़े हुए हैं। इसलिए विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने आगामी सितंबर में होने वाले चुनावों को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि हिंसात्मक घटना होने पर चुनाव रद्द कर दिए जाएंगे।
विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण अधिष्ठाता (डीएसडब्ल्यू) नवल किशोर ने आईएएनएस से बताया, "हम परिसर में बढ़ी रही हिंसा की घटनाओं को देखकर चिंतित हैं और इसे रोकने के सभी प्रयास किए जा रहे हैं। हमने यह स्पष्ट कर दिया है कि विश्वविद्यालय परिसर में किसी भी तरह की हिसात्मक घटना होने पर चुनाव रद्द कर दिए जाएंगे।"
उन्होंने कहा, "हमने राजनीतिक दलों के छात्र नेताओं को हिंसा रोकने के लिए किसी विवादित मामले या व्यक्तिगत विवाद से दूर रहने की सलाह दी है। चुनाव होना तभी सुनिश्चित हो सकता है, जब छात्र परिसर में माहौल को शांतपूर्ण बनाए रखना सुनिश्चित करेंगे।"
इस संदर्भ में विश्वविद्यालय में शुक्रवार को एक बैठक हुई, जिसमें छात्र संगठनों के प्रतिनिधि, छात्रावासों के वार्डेन, चण्डीगढ़ पुलिस और अन्य अधिकारी शामिल हुए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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