वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में सबसे बड़े अणुओं की खोज की
ये अणु मोटे तौर पर गोलाकार होते हैं और ग्रेफाइट, हीरे के अलावा एक 'तीसरे प्रकार के कार्बन' से बने होते हैं। पृथ्वी पर यह प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।
समाचार पत्र 'द टेलीग्राफ' के मुताबिक पहले सिर्फ प्रयोगशालाओं में ही 'बकीबॉल्स' का निर्माण किया जा सका था और उस वक्त यह अंदाज बिल्कुल नहीं था कि इनका अस्तित्व और कहीं भी है।
बीबीसी के मुताबिक शोधकर्ताओं के एक दल ने एक दूरस्थ तारे को घेरे ब्रह्मांडीय धूल के बादल में 'बकीबॉल्स' को खोजने के लिए नासा की अवरक्त किरणों वाले दूरबीन का इस्तेमाल किया था।
इन वैज्ञानिकों को किसी और चीज की तलाश थी लेकिन उन्होंने वहां 'बकीबॉल्स' को देखा।
कनाडा के वेस्टर्न ओंटारियो विश्वविद्यालय के जेन कैमी के नेतृत्व में शोधकर्ताओं ने इन्हें देखा।
'बकीबॉल्स' ऐसे अणु हैं जो कार्बन के 60 परमाणुओं के गोलाकार रूप में जुड़ने से बनते हैं।
'बकीबॉल्स' की खोज के लिए 1996 का रसायन शास्त्र का नोबेल पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैरी क्रोटो ने बीबीसी को बताया, "हमारे शरीर में जितना भी कार्बन है वह सितारों की धूल से आता है। इसलिए किसी समय में यह कार्बन भी 'बकीबॉल्स' के रूप में मौजूद था।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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