जी-20 के दौरान पुलिस की ज्यादतियों के खिलाफ प्रदर्शन (लीड-1)
इस सम्मेलन के दौरान कनाडा में अब तक की सबसे ज्यादा एक हजार लोगों की गिरफ्तारी की गई थी। इस दौरान सुरक्षा बलों ने अपने गुप्त आपात अधिकारों का इस्तेमाल किया था।
सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को वहां लगाए गए लोहे के पिंजरों में बंद किया गया था। इन लोगों में से ज्यादातर को छोड़ दिया गया लेकिन कुछ लोग अभी भी जेलों में बंद हैं।
भूमंडलीकरण का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के वाहनों को जला दिया था और दुकानों और इमारतों को नुकसान पहुंचाया था।
टोरंटो पुलिस सर्विस बोर्ड के प्रमुख आलोक मुखर्जी ने इस आयोजन के दौरान पुलिस की कार्यप्रणाली की स्वतंत्र नागरिक समीक्षा के आदेश दिए हैं। इस समीक्षा के दौरान टोरंटो पुलिस के प्रमुख बिल ब्लेयर को पूछताछ के लिए बुलाया जा चुका है।
एमनेस्टी इंटरनेशनल, श्रम संगठन और करीब 2000 छात्रों ने शनिवार को नागरिक स्वतंत्रता के लिए कार्रवाई दिवस मनाते हुए सड़कों पर विरोध प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री, ओंटेरियो के प्रांत प्रमुख, टोरंटो के मेयर और पुलिस प्रमुख से इन गिरफ्तारियों की जांच करने की मांग की।
सिविल लिबर्टीज संगठन की नोरा लोरेटो ने कहा, "जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान पुलिस की कार्यप्रणाली और काम करने के तरीके पर कई सवाल खड़े होते हैं।"
इसी संगठन के नेताली देस रोसियर्स ने कहा, "आज की रैली का उद्देश्य इस बात की जांच की मांग करना है कि इस तरह बड़े पैमाने पर गिरफ्तारी का आदेश किस आधार पर दिया गया। कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया और क्यों किया गया। इस तरह की जन गिरफ्तारी बर्दाश्त नहीं की जा सकतीद्ध यह अवैध और असंवैधानिक है। मेरा मानना है कि लोगों को पता लगना चाहिए कि क्या हुआ था और क्या कुछ गलत हुआ था।"
कनाडाई छात्र संगठन के हामिद हुसैन ने कहा, "छात्रों का अभिव्यक्ति की आजादी और विधायिका में गहरा विश्वास है।"
इसी तरह के विरोध प्रदर्शन मांट्रियल, विंडसर और हैलीफैक्स में भी किए गए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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