1,000 रुपये के नोट से प्रतिबंध हटाए भारत : नेपाल

सुदेशना सरकार

काठमांडू, 11 जुलाई (आईएएनएस)। भारत के एक राज्य के एक मंत्री के प्रतिबंधित भारतीय नोटों के साथ नेपाल में पकड़े जाने के करीब एक पखवाड़े के भीतर नेपाल सरकार ने भारत के बैंकिंग नियामक से प्रतिबंध हटाने को कहा है।

नेपाल के सर्वोच्च नेपाल राष्ट्र बैंक (एनआरबी) के गवर्नर युबराज खातीवाडा ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से नेपाल में 1,000 और 5,00 रुपये के भारतीय नोटों से प्रतिबंध हटाने को कहा है।

नेपाल में जाली नोटों के सौदागरों और वहां से आतंकवादी गतिविधियों के लिए भारत में धन भेजने की रफ्तार बढ़ने के कारण करीब एक दशक से यह प्रतिबंध जारी है।

एनआरबी ने कहा कि इस प्रतिबंध से नेपाल से भारत जाने वाले और भारत से नेपाल आनेवाले यात्रियों को काफी अधिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

नेपाल आने वाले अधिकांश पर्यटक और भारतीय इस प्रतिबंध से अनजान हैं। ऐसे ही एक मामले में पिछले महीने मंत्री इमकांग एल.इमचेन की गिरफ्तारी हुई।

नागालैंड के गृह मंत्री इमचेन को 900,000 रुपये के प्रतिबंधित नोटों के साथ काठमांडू के त्रिभुवन हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया गया था। इसके लिए पांच वर्ष की कैद का प्रावधान है।

इस घटना से पहले एशिया क्लियरिंग यूनियन की 39वीं बैठक में शामिल होने थिम्पू गए खातीवाड़ा ने आरबीआई के गवर्नर डी. सुब्बाराव से इस प्रतिबंध को समाप्त करने का आग्रह किया था।

खातीवाडा ने इस सप्ताह काठमांडू में पत्रकारों से कहा कि उन्होंने इसके कारण होने वाली कठिनाइयों का हवाला देकर प्रतिबंध हटाने को कहा।

अब तक नेपाल में तीन करोड़ रुपये से अधिक के प्रतिबंधित नोटों को जब्त किया जा चुका है। इसके अलावा नेपाल की विभिन्न अदालतों में भी काफी अधिक मात्रा में जब्त भारतीय नोट पड़े हैं।

इस पैसे को वापस लेने से आरबीआई के इंकार कर देने के बाद नेपाल के पास अब इसे केवल जला देने का ही चारा है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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