भारत-अमेरिका के बीच सी-17 विमान पर वार्ता शुरू
गुलशन लूथरा
नई दिल्ली, 11 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय वायुसेना के लिए खरीदे जाने वाले सैन्य मालवाहक सी-17 विमानों की कीमत पर भारत और अमेरिका के बीच बातचीत शुरू हो गई है।
'इंडिया स्ट्रेटेजिक डिफेंस' पत्रिका ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि विमानों की प्रमाणिकता परखने के लिए परीक्षण चरण पूरा कर लिया गया है और अमेरिकी वायुसेना का एक सी-17 विमान जो पिछले महीने परीक्षण के लिए भारत आया था वह भारतीय वायुसेना की जरूरतों के लिए खरा साबित हुआ है। इस विमान का परीक्षण छोटी और ऊंचाई वाली हवाई पट्टियों पर किया गया है।
भारत इस विमान को अमेरिकी सरकार के विदेशी सैन्य विक्रय कार्यक्रम के तहत खरीद रहा है। अमेरिकी रक्षा विभाग और अमेरिकी वायुसेना कीमत तय करने के लिए भारतीय विदेश मंत्रालय और भारतीय वायुसेना से बातचीत कर रहे हैं।
अमेरिकी रक्षा विभाग के मुताबिक विभिन्न उपकरणों के साथ इस विमान की अधिकतम कीमत 5.8 अरब डॉलर हो सकती है लेकिन विमान की वास्तविक कीमत भारतीय वायुसेना द्वारा चुने जाने वाले विभिन्न उपकरणों के चयन पर निर्भर करेगी।
इस वार्ता के बाद अमेरिकी सरकार स्वीकृति पत्र जारी करेगी। इस सौदे में 3.8 प्रतिशत का प्रशासकीय शुल्क भी शामिल होगा जो अमेरिकी सरकार सभी विदेश सैन्य विक्रय सौदों पर लागू करती है।
बोइंग के उपाध्यक्ष टॉमी ड्यून्ह्यू ने कहा कि कंपनी इस विमान के लिए उसके पूरे जीवन काल में रखरखाव और कल पुर्जो की आपूर्ति सुनिश्चित करेगी।
यह विमान कंपनी की लास एंजेलिस इकाई में बनाए गए हैं।
बोइंग के आधिकारिक बयान के मुताबिक भारत को प्रस्तावित बिक्री वाले सी-17 ग्लोबमास्टर 3 विमान 74,797 किलोग्राम वजन उठा सकते हैं और दोबारा ईंधन भरे बिना इसे 2,400 समुद्री मील तक उड़ाया जा सकता है। इसके अलावा यदि इस पर 45,495 किलोग्राम रखा जाए तो यह दोबारा ईंधन भरे बिना 4,000 समुद्री मील तक चल सकता है।
बोइंग ने अमेरिकी वायुसेना को 199 सी-17 विमानों की आपूर्ति की गई है और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में 19 विमान बेचे गए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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