नक्सलियों से पुलिसकर्मी को मुक्त करने की अपील
भुवनेश्वर, 11 जुलाई (आईएएनएस)। उड़ीसा के क्योंझर जिले में नक्सलियों द्वारा चार दिन पहले अपहृत एक जनजातीय पुलिसकर्मी के परिजनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने रविवार को उन्हें मुक्त करने की अपील की।
प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और जनजातीय नेता तुलसी मुंडा ने संवाददाताओं से कहा, "वह एक निर्दोष हैं। उन्होंने कोई अपराध नहीं किया। मैं नक्सलियों से उन्हें तत्काल मुक्त करने की अपील करता हूं।"
वर्ष 2001 में पद्मश्री से सम्मानित मुंडा ने कहा कि बुधवार रात से अपहृत पुलिस सब इंस्पेक्टर उमेश मरांडी का परिवार कठिन समय से गुजर रहा है।
मुंडा ने नक्सलियों से हिंसा छोड़ने और सरकार के साथ वार्ता शुरू करने का आग्रह किया।
उमेश मरांडी की पत्नी रानूमणि मरांडी ने संवाददाताओं से कहा, "मेरे पति का कोई शत्रु नहीं है। उन्होंने किसी का नुकसान नहीं किया। कृपया उनको मुक्त करें। हम सभी परेशान हैं।"
संथाल जनजाति ने भी नक्सलियों से उपनिरीक्षक को मुक्त करने की अपील की।
नक्सलियों ने एक खनन कस्बे दैतारी में एक पुलिस इमारत पर हमला करके मरांडी का अपहरण किया। पुलिस ने जिले के बड़े क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाया लेकिन उनका पता नहीं लगाया जा सका।
स्थानीय मीडिया के अनुसार नक्सलियों ने मरांडी की मुक्ति के बदले 68 जनजातीय लोगों की रिहाई की मांग की है। एक अपहृर्ता ने कुछ स्थानीय समाचार चैनलों को बताया कि ये निर्दोष जनजातीय लोग नक्सलियों से कथित संबंधों के कारण पकड़े गए हैं।
राज्य के पुलिस महानिरीक्षक (संचालन) संजीव मारिक ने कहा कि यदि नक्सली उचित मांग रखें तो पुलिस उस पर गंभीरता से विचार करने को तैयार है।
मारिक ने आईएएनएस से कहा, "यह काम (अपहरण) निंदनीय है। उन्होंने जिस पुलिस अधिकारी का अपहरण किया वह एक जनजातीय व्यक्ति है। उनका संबंध एक गरीब परिवार से है और उन्हें मधुमेह है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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