लेबनानी शिया नेता मोहम्मद हुसैन फदलल्लाह का निधन
बेरुत। लेबनानी शिया मौलवी व हिजबुल्ला के मार्गदर्शक अयातुल्लाह सैय्यद मोहम्मद हुसैन फदलल्लाह का रविवार को निधन हो गया। वह 75 वर्ष के थे। समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार फदलाल्लाह बेरुत के एक अस्पताल में शुक्रवार से भर्ती थे। वह पेट की बीमारी से पीड़ित थे।
बेरुत के इमाम अल-हस्सनीन मस्जिद में रविवार को शोक सभा शुरू हुई। जिस मस्जिद में फदलल्लाह की मृत्यु हुई उसे जोड़ने वाली सड़क को यातायात के लिए बंद कर दिया गया। सड़क पर काले कपड़ों में बड़ी संख्या में लोग जुट गए थे। फदलल्लाह के करीबी हेज्ज हनी ने कहा, "लेबनानवासियों के लिए यह बड़ी क्षति है।"
शिया मौलवी वर्ष 1982 से आतंकवादी संगठन हिजबुल्लाह के संस्थापक और मार्गदर्शक थे। वह इस इलाके में अमेरिकी और इजरायली कार्रवाई को लेकर उनके मुखर आलोचक थे। फदलल्लाह अमेरिका के आतंकवादियों की सूची में शामिल थे।
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जबुल्लाह ने रविवार को अपने एक बयान में फदलल्लाह को एक ऐसा व्यक्ति करार दिया जो इजरायल के खिलाफ प्रतिरोध करने के लिए हमेशा साहस के साथ खड़ा रहता था। हिजबुल्लाह ने सर्मथकों से अंतिम संस्कार में भारी संख्या में शामिल होने का आह्वान किया और तीन दिन के शोक की घोषणा की है।
इमाम अल-हस्सेनीन मस्जिद में मंगलवार को दोपहर की नमाज के बाद फदलल्लाह का अंतिम संस्कार किया जाएगा। हाल के सालों में फदलल्लाह ने हिजबुल्लाह से दूरी बढ़ा ली थी और अपने उदार विचारों खासकर महिलाओं के मामलों को लेकर चर्चित रहे। उन्होंने ईरान के शिया सिद्धांतों को नामंजूर कर दिया। उनका कहना था कि शिया समुदाय में कोई धार्मिक नेता नहीं होता है, यहां तक खमेनी का भी सत्य पर एकाधिकार नहीं है।
लेबनान के प्रधानमंत्री साद हेरीरी ने कहा कि फदलल्लाह ने लेबनानियों को संगठित करने का काम किया था। हेरीरी ने कहा, "लेबनान ने अधिकारों व न्याय की रक्षा और अन्याय का विरोध करने वाले तथा एक बड़े आध्यात्मिक नेता को खो दिया है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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