हेगड़े ने इस्तीफा वापस लिया, येदियुरप्पा की अपील का किया समर्थन (राउंडअप)
हेगड़े ने येदियुरप्पा और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष नितिन गडकरी की उपस्थिति में यहां संवाददाताओं से कहा, "यह एक जोरदार विचार है। यद्यपि खनिज निर्यात पर प्रतिबंध के खिलाफ पूरी लाबी होगी, लेकिन इस विचार को बिना किसी कठिनाई के लागू किया जा सकता है।"
गडकरी और येदियुरप्पा ने इस्तीफा वापस लेने के लिए हेगड़े को मनाने हेतु उनसे मुलाकात की। इन नेताओं ने हेगड़े से तब मुलाकात की, जब वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने हेगड़े से फोन पर बात कर ली। आडवाणी ने उनसे कहा कि वह अपना इस्तीफा वापस ले लें, क्योंकि कर्नाटक की भाजपा सरकार उनके सुझावों और मांगों पर विचार करेगी।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को शनिवार को लिखे एक पत्र में येदियुरप्पा ने कहा, "लौह अयस्क के निर्यात पर प्रतिबंध के लिए और यह सुनिश्चित कराने के लिए कि इस तरह के कीमती खनिजों को देश के विकास में इस्तेमाल किया जाए, तत्काल एक व्यापक नीति बनाए जाने की आवश्यकता है।"
मुख्यमंत्री ने यह पत्र ऐसे समय में लिखा है, जब राज्य में उत्तरी कर्नाटक के खनिज संपन्न जिलों से वर्षो से अवैध तरीके से लौह अयस्क के निर्यात को लेकर विवाद पैदा हो गया है।
हेगड़े ने कहा कि येदियुरप्पा ने जोरदार तरीके से सिफारिश की है कि लौह अयस्क और अन्य खनिजों का निर्यात प्रतिबंधित किया जाए या कम से कम उस पर कड़ाई के साथ नियंत्रण लागू किया जाए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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