रणथंभौर में बाघ के हमले से युवक की मौत
जानकारी के अनुसार रणथंभौर के एक फार्महाउस में काम करने वाला माली घंमडीलाल सुबह लकड़ी काटने के लिए रणथंभौर मार्ग स्थित एक पहाड़ी पर गया, लेकिन काफी देर बाद भी वापस नहीं आया। स्थानीय लोगों ने जब उसकी तलाश की तो उसका शव पड़ा मिला।
सवाई माधोपुर के जिला वन अधिकारी ने बताया कि युवक के शरीर पर जिस तरह काटने के निशान मिले हैं, उससे उस पर किसी बाघ या बघेरे द्वारा हमला किए जाने की आशंका है। उनके अनुसार जिस स्थान पर युवक लकड़ी काटने गया था, वह एक चारदीवारी के भीतर है। युवक चारदीवारी पार कर वहां गया था। उसने एक हरे पेड़ को काटने की कोशिश की थी। तभी बाघ ने उस पर हमला कर दिया।
वन अधिकारी के अनुसार चूंकि पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण बाघ के पैरों के निशान नहीं मिले हैं, फिर भी विभाग के अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।
उधर, इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने घटना के विरोध में सवाई माधोपुर-रणथंभौर मार्ग पर प्रदर्शन कर जाम लगा दिया। स्थानीय लोग आदमखोर बाघ को पकड़ने और मृतक के परिजनों को मुआवजा देने की मांग कर रहे थे। पुलिस ने युवक का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है।
दौसा के निर्दलीय सांसद डा. किरोड़ीलाल मीणा ने मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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