गांव की लड़कियों के लिए 1 रुपये में सेनेटरी पैड्स
नई दिल्ली। महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरुक करने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अब ग्रामीण क्षेत्र की नवयुवतियों को एक रुपये में सैनिटरी नैपकिन मुहैया कराये जाने की योजना बनाई है। इसके लिए मंत्रालय ने राष्ट्रीय ग्रमीण स्वास्थ्य मिशन के तहत 150 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है।
यह मिशन वर्ष 2005 में ग्रामीण क्षेत्र के लागों को कम खर्च में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए शुरू किया गया था। मंत्रालय के मुताबिक इस योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे की लड़कियों को एक रुपये में 6 सैनिटरी नैपकिनों का एक पैकेट मुहैया कराया जाएगा। गरीबी रेखा से ऊपर की लड़कियों को इसके लिए पांच रुपये देने होंगे।
पहले वर्ष 150 जिलों में कार्यक्रम चलाया जाएगा जो देश का 25 प्रतिशत है। देश के 235 जिलों को 'संकेंद्रित जिले' के रूप में पहचान की गई है और इसके लिए कार्यकर्ताओं की नियुक्ति की जाएगी। इसके तहत दक्षिणी राज्यों, महाराष्ट्र एवं गुजरात और उत्तरी, केंद्रीय एवं उत्तरी-पूर्वी राज्यों के 120 जिले शामिल किए जाएंगे। योजना को तीन चरणों में अमल में लाया जाएगा। पहले चरण में गरीबी रेखा के नीचे की लगभग 30 प्रतिशत यानी 1.5 करोड़ नवयुवतियों को योजना का लाभ मिलने की संभावना है।












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