महिला एवं बाल विकास पर दो दिवसीय सम्मेलन संपन्न
इस दौरान कुल नौ मसलों पर चर्चा हुई जिनमें चार बच्चों और चार महिलाओं से संबंधित थे। सम्मेलन में कुपोषण पर भी चर्चा हुई जो महिलाओं और बच्चों दोनों से संबंधित है।
सम्मेलन में 12 राज्यों के मंत्री शामिल हुए। एकीकृत बाल विकास सेवा योजना के मामले में राज्य मंजूर किए जा चुके सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों को शीघ्र चालू करने पर सहमत हुए। किशोरियों के सशक्तीकरण की राजीव गांधी योजना (सबला) के बारे में राज्यों ने इस योजना के घटकों का समर्थन किया और कहा कि यह योजना शीघ्र कार्यान्वित की जानी चाहिए।
एकीकृत बाल संरक्षण योजना के लिए 20 राज्य सहमति पत्र पर हस्ताक्षर कर चुके हैं तथा शेष राज्यों केन्द्र शासित क्षेत्रों ने 4-6 हफ्तों में हस्ताक्षर करने का आश्वासन दिया है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय में सचिव डी़ क़े सिकरी ने समापन भाषण में राज्यों से कुपोषण दूर करने के लिए योजनाओं का पूरा लाभ लेने का आग्रह किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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