हर दुआ कबूल करती है 'लैला-मजनू' की मजार
यह मजार राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में है। पाकिस्तन की सीमा से यह महज दो किलोमीटर की दूरी पर है। इस साल भी यहां सैकड़ों की संख्या में विवाहित और प्रेमी जोड़े यहां पहुंचे। इस बार मेला मंगलवार को आरंभ हुआ और बुधवार तक चला। यद्यपि इतिहासकार लैला-मजनू के अस्तित्व से इंकार करते हैं। वे इन दोनों को काल्पनिक चरित्र करार देते हैं। परंतु इस मजार पर आने वालों को इन बातों से कोई फर्क नहीं पड़ता। वे तो बस फरियाद लिए यहां चले आते हैं।
स्थानीय निवासी गौरव कालरा कहते हैं, "हर साल यहां सकड़ों जोड़े लैला-मजनू का अशीर्वाद लेने आते हैं। मैं नहीं जानता कि लैला मजनू थे या नहीं, लेकिन पिछले 10-15 वर्षो में यहां आने वालों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है।"यहां आने वाले सभी मजहबों के लोग होते हैं। कालरा ने बताया, "सिर्फ हिंदू और मुसलमान ही नहीं बल्कि सिख एवं ईसाई भी इस मेले में आते हैं।"
पढ़े : अमर सिंह को उनके अपनो ने ही लूटा!
नवविवाहिता युवती रेखा ने कहा, "हमने सुना है कि यह प्रेम करने वालों का मक्का है और यहां खुशहाल शादीशुदा जिंदगी के लिए यहां एक बार जरूर आना चाहिए। इसलिए मैं भी अपने पति के साथ यहां आई हूं।" इस मजार की लोकप्रियता और उत्सुकता को देखते हुए सरकार इस गांव में सुविधाएं बढ़ाने पर विचार कर रही है।













Click it and Unblock the Notifications